चंबा। इन्फ्लूएंजा संक्रमण से निपटने के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज प्रशासन सतर्क है। हालांकि, अभी इस संक्रमण से ग्रस्त कोई भी मरीज मेडिकल कॉलेज चंबा में भर्ती नहीं किया गया है।
इस वायरस से ग्रस्त मरीजों के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अलग वार्ड की व्यवस्था की है। यदि इससे संक्रमित कोई मरीज अस्पताल में भर्ती होता है तो उसे पूर्ण रूप से आईसोलेट किया जाएगा। इसके लिए अलग वार्ड की व्यवस्था की गई है। जिस कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए अस्पताल में अलग वार्ड की व्यवस्था की गई थी, उसी प्रकार इन्फ्लूएंजा संक्रमण के मरीजों के इलाज की व्यवस्था की गई है। यह वायरस एक से दूसरे व्यक्ति में तेजी के साथ फैलता है। इसके लक्षण सर्दी, जुकाम और बुखार हैं। यही लक्षण कोरोना संक्रमण के मामले में थे।
सर्दी-जुकाम से पीड़ित मरीजों की संख्या मेडिकल कॉलेज में बढ़ी है, लेकिन अभी तक इन मरीजों में इन्फ्लूएंजा संक्रमण का एक भी मरीज दर्ज नहीं किया गया है। यह एक खतरनाक वायरस है, जो श्वसन मार्ग के माध्यम से फैलता है। यह आमतौर पर सर्दियों में फैलने वाला वायरस होता है। इसके लक्षण बुखार, खांसी, ठंड, शरीर में दर्द होना हैं। ऐसे लक्षण आने पर व्यक्ति को चिकित्सीय परामर्श लेना चाहिए, जिससे समय पर इलाज कर संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। अभी चंबा जिला इस संक्रमण से बचा है। हालांकि, मेडिकल कॉलेज प्रबंधन इस संक्रमण से निपटने के लिए तैयार है।
उधर, चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर देवेंद्र कुमार ने बताया कि इन्फ्लूएंजा संक्रमण से निपटने के लिए प्रबंधन ने तैयारी कर ली है। अभी इस संक्रमण का कोई मरीज अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया है। जैसे ही कोई मरीज इस संक्रमण से ग्रस्त होकर अस्पताल में आता है तो उसे अन्य मरीजों से अलग रखकर आइसोलेट किया जाएगा।