चंबा। चुराह विधानसभा क्षेत्र में दोपहर के समय खेल मैदान में खेलने में मशगूल बच्चों की भूकंप के झटके महसूस होने पर चीखें निकल गईं। बच्चों की चीखने की आवाजें सुनकर अध्यापकों ने मौके पर पहुंच कर बच्चों को खेल मैदान में एक जगह एकत्रित किया। साथ ही स्कूल भवन में किसी बच्चे के फंसे न होने की जानकारी हासिल की। भूकंप के झटकों से हालांकि किसी प्रकार का जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन दोपहर बाद भी बच्चों की कंपकपी थमने का नाम नहीं ले रही थी। आखिरकार अध्यापकों ने बच्चों का मनोबल बढ़ाते हुए इस प्रकार की घटनाओं के समय सूझबूझ का परिचय देते हुए बचाव के तरीकों को अपनाने की बात कही।
गौरतलब है कि जिले में मंगलवार दोपहर 1:33 बजे भूकंप के झटकों से धरती हिल गई। जिले के चंबा, भरमौर, तीसा, सलूणी, डलहौजी और भटियात में भूकंप के झटके लगते ही लोग दहशत में घरों से बाहर खुली जगह पर पहुंचे और स्कूली बच्चे खेल मैदान में ही रुक गए। भूकंप के झटकों से चुराह उपमंडल के तहत आती राजकीय केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला तरेला के भवन की छत के साथ लगी दीवार मंगलवार दोपहर को भूकंप के झटके से नीचे गिर गई। इस दौरान दीवार में लगे पत्थरों के गिरने से छत की सीलिंग भी धराशायी हो गई। हालांकि मध्यांतर भोजन के दौरान बच्चे खेल मैदान में थे। वहीं, वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सनवाल, उच्च पाठशाला ओला और प्राथमिक पाठशाला गुलेई और कठवाड़ के भवनों में दरारें आ गई हैं। गनीमत यह रही कि जिस वक्त भूकंप के झटके लगे उस दौरान मध्यांतर अवकाश होने के कारण विद्यार्थी स्कूल से बाहर थे। मौसम के करवट बदलते ही देरशाम बनीखेत क्षेत्र में झमाझम बारिश से मौसम ठंडा हो गया। दोपहर के समय पड़ने वाली भीषण गर्मी से आसमान से बरसने वाली बूंदों ने लोगों को राहत देने का काम किया।
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने बताया कि भूकंप के झटकों से कुछ स्कूलों में दरारें आने की सूचना है। बहरहाल, भूकंप के झटकों से किसी प्रकार के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है।