शहर के साथ लगते राजकीय प्राथमिक पाठशाला बन्नू बियोड़ के पास अपना भवन नहीं
स्कूल में अनुसूचित जाति के नौनिहालों की संख्या अधिक, अब तक मिले महज आश्वासन
किराये के लिए अभिभावक जेब से दे रहे 50-50, अध्यापक भी दे रहे 1000-1000 रुपये,
पंकज सलारिया
चंबा। विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने का दावा करने वाली सरकार को चंबा में अभिभावकों ने आईना दिखा दिया है। एक तरफ सरकार स्कूल भवन बनाने में असमर्थ है, दूसरी तरफ अभिभावक जेब से निजी भवन में चल रहे स्कूल का किराया चुका रहे हैं। ऐसा अभी से नहीं, बल्कि पिछले काफी समय से चल रहा है।
राजकीय प्राथमिक पाठशाला बन्नू बियोड़ में अनुसूचित जाति से संबंधित विद्यार्थियों की संख्या अधिक है। हालांकि, इस मामले को लेकर अभिभावक प्रशासन और शिक्षा विभाग का दरवाजा खटखटा चुके हैं, मगर आज दिन तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है। इस बात को लेकर अभिभावकों में काफी रोष है।
जानकारी के अनुसार इस स्कूल में करीब 50 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। करीब डेढ़ साल से अभिभावक किराया चुका रहे हैं। इससे पहले यह भवन कच्चे भवन में था। जर्जर भवन होने के चलते निजी भवन में ही बच्चों की पढ़ाई शुरू करवाई गई। अभिभावक मासिक पचास रुपये का भुगतान करते हैं। अध्यापक भी एक-एक हजार रुपये किराये का भुगतान करते हैं। मकान का किराया करीब तीन हजार रुपये है। हैरानी की बात है कि यह मामला प्रशासन और विभाग के ध्यान में होने के बावजूद अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है।
महिला मंडल प्रधान बनियाग की प्रधान मधु ने कहा कि वे बच्चों को पढ़ाने के लिए सहयोग कर किराया एकत्रित करते हैं। कहा कि भवन न होने के चलते विद्यार्थियों को परेशानियां पेश आ रही है।
भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य जय सिंह का कहना है कि स्कूल में भवन निर्माण न होने को लेकर प्रशासन को भी अवगत करवाया गया है, मगर आज दिन तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कहा कि इस स्कूल में अभिभावक बच्चों को पढ़ाने के लिए खुद किराया दे रहे हैं।
उपायुक्त चंबा मुकेश रेपसवाल का कहना है कि यह मामला ध्यान में है। कहा कि इस बारे में शिक्षा विभाग को जरूरी दिशा-निर्देश दिए जाएंगे और भवन निर्माण के लिए उचित प्रयास किए जाएंगे।