चंबा। आग के बीच फंसी तीन साल की नंदिनी को बचाने के लिए गांव की महिला रितिका धधकते शोलों में कूद गईं और बच्ची को सुरक्षित निकाल लाईं।
बख्तपुर पंचायत के मियाड़ीगला गांव में स्लेटपोश मकान में आग भड़कने के बाद कुंज लाल, उनकी पत्नी पूजा देवी और 10 साल की बेटी ने भाग कर जा बचाई। अंधेरे में उन्हें इस बात का आभास तक नहीं हो पाया कि उनकी तीन वर्षीय बेटी नंदिनी मकान के भीतर ही रह गई है। सुरक्षित जगह पहुंचने के उन्हें नंदिनी नहीं दिखी। मां को पता चला कि बेटी मकान के अंदर रह गई है तो वह रोने बिलखने लगी। इस बीच, समय न गंवाते हुए गांव की ही महिला रितिका, पत्नी चैन राम अपनी जान की परवाह किए बिना धू-धूकर जल रहे मकान में घुस गईं। वह बच्ची को कंबल में छिपाकर आग से निकालकर बाहर ले आईं। रितिका के हौसले की हर कोई तारीफ कर रहा है। अपनी बेटी को सुरक्षित देखकर पूजा ने रितिका के पैर पकड़कर उनका आभार जताया।