सद्गुरू शरीर नहीं, सत्य ज्ञान है : राजेंद्र
चंबा। संत निरंकारी सत्संग भवन मुगला में महात्मा डॉ. राजेंद्र की अध्यक्षता में साप्ताहिक सत्संग का आयोजन किया गया। सत्संग का शुभारंभ आरती वंदना से किया गया। इस मौके पर दूरदराज के गांवों और कस्बों से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। महात्माओं ने सद्गुरु माता सुदीक्षा महाराज की शिक्षाओं को अपने विचारों और भजनों के माध्यम से व्यक्त किया। अंत में मंच पर विराजमान महात्मा डॉ. राजेंद्र ने अपने सार गर्भित प्रवचनों से साध संगत को भाव-विभौर करते हुए कहा कि निराकार परब्रह्म जहां सृष्टि के कण-कण में व्याप्त है, वहीं यह संपूर्ण दृश्यमान जगत से न्यारा भी है। संपूर्ण दृश्यमान सृष्टि माया है, जो परिवर्तनशील है। निराकार ब्रह्म सगुण सत्ता है जो एक शरीर के माध्यम से कार्य करती है। सद्गुरु शरीर नहीं, बल्कि वह-सत्य-ज्ञान है, जो शरीर के माध्यम से प्रवाहित होता है। सतगुरु संपूर्ण मानवता के लिए अवतरित होता है और ब्रह्म ज्ञान की ओर से मानव मात्र का उद्धार करता है। परमपिता परमात्मा की जानकारी हमें सहज में परस्पर भाई-भाई बना देती है। हमारे मतभेद अपने आप समाप्त हो जाते हैं। यह जानकारी शाखा सेवादार विनोद कुमार ने दी। संवाद