भरमौर (चंबा)। कुगति से लाहौल के लिए सड़क बनने से हिमाचल की आर्थिकी में सुधार का नया विकल्प बनेगा। यह सड़क बनने से भविष्य में मणिमहेश, श्रीखंड महादेव और किन्नर कैलाश यात्रा का सफर आसान होगा।
श्रद्धालु मणिमहेश से मनाली से होते हुए श्रीखंड महादेव और किन्नर कैलाश यात्रा पर जा सकेंगे। 25 से 30 किलोमीटर लंबी बनने वाली इस सड़क से जिले के विकास की राह भी बदलेगी। यह मार्ग पठानकोट से लेह के लिए वैकल्पिक मार्ग के रूप में भी उभरेगा। इससे राष्ट्रीय सुरक्षा में भी योगदान मिलेगा। पठानकोट से लेह के लिए 200 किलोमीटर का अंतर आएगा। यह सड़क हिमाचल की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिए भी योगदान देगी। इसमें मुख्यता चंबा और लाहौल में पर्यटन के बढ़ावे के साथ यह सड़क भविष्य में मणिमहेश कैलाश, श्रीखंड महादेव और किन्नर कैलाश यात्रा को जोड़ने के लिए कॉरिडोर बनाने में भी योगदान देगी। इस मांग को पूरा करवाने के लिए भरमौर के विभिन्न संगठनों ने जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी को ज्ञापन सौंपा।
व्यापार मंडल भरमौर के अध्यक्ष रंजीत शर्मा ने बताया कि यह सड़क बनने से अति पिछड़े चंबा जिले को विकास की दिशा मिलेगी। चंबा हिमाचल ही नहीं, बल्कि देश के सबसे पिछड़े जिलों में से एक है। इस सड़क के निर्माण से जिले के अति पिछड़े क्षेत्रों में विकास के नए द्वार खुलेंगे। यह सड़क चंबा और लाहौल-स्पिति की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक समृद्धि को अधिक पर्यटकों के लिए सुलभ बनाएगी। इससे स्थानीय व्यवसाय और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। यह मार्ग गद्दी समुदाय के लाखों लोगों के लिए वरदान साबित होगा। लगभग 80 प्रतिशत भेड़पालक कुगति-लाहौल मार्ग पर दुर्गम रास्ते पर चलते हैं। इस नए मार्ग से उनकी यात्रा अधिक सुरक्षित और त्वरित हो जाएगी। यह सड़क चार धाम की तर्ज पर हिमाचल में कैलाश कॉरिडोर बनाने में सहायता करेगी।