चंबा। बुराई पर अच्छाई का प्रतीक दशहरा पर्व चंबा में धूमधाम से मनाया गया। ऐतिहासिक चौगान में भीड़ के बीच रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले जलाए गए। इस दौरान चौगान में दिनभर लोगों का मेला लगा रहा। शाम को रामलीला की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें विभिन्न देवी-देवताओं की झांकियां निकाली गईं। जिन्हें देखने के लिए सड़क के दोनों और लोगों की भीड़ लगी रही। शोभायात्रा में रामलीला कमेटी के सदस्यों के अलावा कई गणमान्य लोगों ने भाग लिया।
पूरा शहर भगवान श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। शोभायात्रा जैसे ही चौगान में पहुंची तो राम ने रावण को तीर मारकर उसका अंत किया। इसके बाद पुतलों का दहन किया गया। पुतलों के दहन के बाद बची लकड़ी के अवशेषों को लोग अपने घरों को ले गए। लोगों में मान्यता है कि रावण के अवशेष की लकड़ी घर में रखने से भूत प्रेत का साया नहीं होता है। वहीं, दूसरी तरफ दशहरा पर्व को लेकर शहर में जाम की समस्या आम रही। इसके चलते लोगों को चौगान आने और वापस जाने के लिए जाम से जूझना पड़ा। पार्किंग की व्यवस्था न होने के कारण लोगों को वाहन पार्क करने के लिए काफी परेशानी हुई।