द्रम्मण में महिलाएं पौधों को राखी बांध उनकी सुरक्षा करने का प्रण लेती हुई।
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चंबा। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर जहां बहनों ने अपने भाई की कलाई पर राखी बांधी। वहीं, भाई ने भी अपनी बहनों की सुरक्षा करने का प्रण लिया। इसी कड़ी में द्रम्मण गांव में महिलाओं ने देवदार के पौधों को राखी बांध उनकी सुरक्षा का प्रण लिया।
हिमाचल प्रदेश फारेस्ट ईको सिस्टम क्लाइमेट प्रूफिंग (केएफडब्ल्यू) प्रोजेक्ट के तहत द्रम्मण में गठित सोसायटी की महिलाओं ने शुक्रवार को रकबे में जाकर उन सभी पौधों का राखी बांधी, जिन्हें हाल ही में रोपा गया था। इस दौरान बीट अफसर सुनील कुमार सहित अन्य वन विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। उन्होंने महिलाओं का मार्गदर्शन किया। वन विभाग के चंबा मंडल ने इस बार राखी के त्योहार को वनों के साथ जोड़ने के लिए विशेष योजना बनाई। इसमें उन्होंने निर्णय लिया कि जहां पर फारेस्ट ईको सिस्टम क्लाइमेट प्रूफिंग प्रोजेक्ट के तहत सोसायटियां गठित हैं। उन सोसायटियों में शामिल महिलाओं से पौधों को रोखी बंधवाई जाएगी। इसको लेकर जब उन्होंने सोसायटी की महिलाओं से बात की तो सभी महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ इस कार्य को अंजाम देने की बात कही। शुक्रवार को महिलाओं ने पूजा की थाली में राखी और टीका लेकर पौधों को तिलक लगाकर विधिवत रूप से राखी बांधी। वनमंडल अधिकारी अमित शर्मा ने बताया कि पौधों को बचाने के लिए इस बार विभाग ने नया तरीका अपनाया है। इसमें सोसायटी की महिलाओं का भरपूर सहयोग मिला है। वहीं, प्रोजेक्ट के सहायक निदेशक रजनीश महाजन ने भी इस योजना को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।