सिहुंता (चंबा)। जिला चंबा में लचर स्वास्थ्य सुविधाओं ने एक और जान ले ली। 80 साल के बुजुर्ग का पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समोट में अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाया, जब यहां से टांडा मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया तो समय पर एंबुलेंस भी नहीं मिल पाई।
जैसे-तैसे परिजनों ने किराये पर वाहन कर बुजुर्ग को टांडा पहुंचाया। यहां एक्सरे और अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए ले जाते समय बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया।
भटियात विधानसभा क्षेत्र के कामला निवासी 80 साल के बुजुर्ग जर्म सिंह को बीते शुक्रवार सुबह 11:00 पेट में दर्द शुरू हुआ। असहनीय दर्द से कराह रहे जर्म सिंह को परिजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समोट लेकर गए। यहां बुजुर्ग का अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाया। यहां तैनात चिकित्सक ने बुजुर्ग को टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इतना ही नहीं, टांडा तक जाने के लिए तीमारदारों को एंबुलेंस भी दो घंटे बाद उपलब्ध होने की बात कही। बुजुर्ग की बिगड़ती हालत देख परिजनों ने किराये पर वाहन कर उन्हें टांडा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया।
यहां एक्सरे और अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए ले जाते समय बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया। ऐसे में मृतक के परिजन भटियात विधानसभा क्षेत्र में लचर स्वास्थ्य सेवाओं को कोसते नजर आए। वहीं, ग्रामीणों का कहना था कि अगर समय पर अल्ट्रासाउंड हो जाता और एंबलुेंस मिल जाती तो शायद जर्म सिंह की जान बच जाती। उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कपिल शर्मा ने बताया कि समोट में भवन का अभाव है। बताया कि चुवाड़ी में अल्ट्रासाउंड की सुविधा तो है, लेकिन रेडियोग्राफर नहीं है।
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50 हजार की आबादी और अल्ट्रासाउंड की सुविधा तक नहीं
भटियात विस क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समोट और पीएचसी सिहुंता पर स्वास्थ्य लाभ के लिए सिहुंता, समोट, कामला, बिन्ना, मनहुता, खदेट, खनोड़ा, टिकरी, खरगट, गरनोटा, रजैं, मोतला, धुलारा, ककरोटी, मोरठू, जोलना, हटली, गोला, ब्लाणा समेत अन्य पंचायतों की 50 हजार की आबादी निर्भर हैं। बावजूद इसके अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था न होने से मरीजों और गर्भवती महिलाओं को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में अल्ट्रासाउंड की सुविधा न होने से बरसात के दिनों में कई लोगों की जान जा चुकी है, क्योंकि भारी बारिश के कारण रास्ते बंद हो जाते हैं। क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं और बीमार मरीजों को 30 से 50 किमी दूर शाहपुर या टांडा जाना पड़ता है।
भटियात विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं पटरी से उतर गई हैं। यदि अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था होती तो उनके पिता को समय पर उपचार मिल सकता था। जनमानस की ज्वलंत समस्याओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग और राजनीतिक दलों का कुछ लेना-देना नहीं हैं। - त्रिलोक सिंह
एक तरफ तो सरकार और स्वास्थ्य विभाग ग्रामीणों को घर-द्वार स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के दावे करते हैं। दूसरी ओर, भटियात क्षेत्र के सिविल अस्पताल से लेकर अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में अल्ट्रासाउंड तक की सुविधा मरीजों को नहीं मिल रही है। - हेमराज
भटियात विधानसभा क्षेत्र स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर पिछड़ चुका है। यहां एक एंबुलेंस के सहारे ही मरीज ढोए जाते हैं। स्वास्थ्य संस्थानों में अल्ट्रासाउंड की सुविधा मरीजों को नहीं मिल रही है। सरकार और संबंधित विभाग को इस ओर विशेष ध्यान देना चाहिए। -कुलभूषण उपमन्यु
गर्भवती महिलाओं और पेट दर्द से पीड़ित मरीजों को सरकारी संस्थानों में निशुल्क होने वाले अल्ट्रासाउंड के लिए मीलों सफर तय कर सरकारी या निजी लैबों में अल्ट्रासाउंड करवाने पड़ रहे हैं। इससे उनकी जेब पर कैंची चल रही है। - वीरभान सिंह