चंबा। जनजातीय क्षेत्र भरमौर में इन दिनों राजनीतिक माहौल काफी गर्माया हुआ है। क्योंकि सरकार ने विस क्षेत्र भरमौर से पूर्व वन मंत्री सहित अन्य बड़े नेताओं को दरकिनार करके जिला परिषद सदस्य ललित ठाकुर को बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी है। उन्हें कोऑपरेटिव बैंक का निदेशक बनाया गया है। इतना ही नहीं उनकी सिफारिश पर तीन कार्यकर्ताओं को जनजातीय सलाहकार समिति का सदस्य भी चुना गया है। इससे भरमौर में राजनीतिक माहौल पूरी तरह से गर्मा चुका है। जहां भरमौरवासी पूर्व वन मंत्री को सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की आस लगा रहे थे। ऐसे में जिला परिषद सदस्य ललित ठाकुर की ताजपोशी होने से चर्चाओं का बाजार गर्म है। ललित ठाकुर विधानसभा चुनाव में टिकट के प्रबल दावेदारों में से एक थे। लेकिन जब कांग्रेस ने ठाकुर सिंह भरमौरी को टिकट दिया तो मुख्यमंत्री सुक्खविंद्र सिंह सुक्खू के कहने पर उन्हें आजाद चुनाव लड़ने से इन्कार किया और पार्टी के दिशा निर्देशानुसार कार्य किया। उनकी मुख्यमंत्री से नजदीकियां चुनावों के दौरान ही बढ़ गई थीं। ऐसे में लोग यही चर्चा कर रहे हैं कि ललित ठाकुर मुख्यमंत्री के करीबी हैं इसलिए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। आगामी विस चुनावों में कांग्रेस के अगले नेता के रूप में भी उन्हें पार्टी जिम्मेदारी दे सकती है। हालांकि पार्टी की तरफ से अभी तक ऐसी घोषणा नहीं की गई है। लेकिन जिस प्रकार से सरकार में जिला परिषद सदस्य की बातें सुनी और मानी जा रही है। इससे यही कयास लगाए जा रहे हैं कि कांग्रेस ने भरमौर में बदलाव की तरफ कदम बढ़ाना शुरू कर दिए हैं। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बने हुए एक वर्ष का समय होने वाला है लेकिन अभी तक पूर्व मंत्री को सरकार ने कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी है। ऐसे में ललित ठाकुर की ताजपोशी बदलाव की तरफ इशारा कर रही है।