चंबा। सभी स्थानीय निकाय एवं संबंधित विभाग जिला पर्यावरण प्रबंधन योजना का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित बनाएं। यह भी सुनिश्चित बनाया जाए कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की ओर से निर्धारित मापदंडों और नियमों का अक्षरश: पालन हो। यह निर्देश उपायुक्त डीसी राणा ने जिला पर्यावरण प्रबंधन योजना को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। जिले में विभिन्न विभागीय परियोजनाओं और अवसंरचनाओं के निर्माण के दौरान निकलने वाले व्यर्थ मलबे के उचित समायोजन को लेकर उपायुक्त ने निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित एजेंसी या विभाग को उचित स्थल चिह्नित कर सूची उपमंडल अधिकारी को उपलब्ध करवाने के निर्देश जारी किए
उपायुक्त ने नगर परिषद चंबा के अधिकार क्षेत्र में व्यर्थ पदार्थों का उचित निपटारा सुनिश्चित बनाने के लिए चंबा शहर के साथ लगते भगोत क्षेत्र में मैटीरियल रिकवरी फैसिलिटी स्थापित करने को लेकर भी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश जारी किए। कूड़े-कचरे को रावी नदी और सहायक नालों में गिराए जाने पर संज्ञान लेते हुए उपायुक्त ने पुलिस को जल संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रसिद्ध पर्यटन स्थल डलहौजी के बनीखेत कस्बे में व्यर्थ पदार्थ निष्पादन संयंत्र लगाने के लिए राष्ट्रीय जल विद्युत निगम को सहयोग करने के लिए कहा। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को बनीखेत कस्बे में होटल-रेस्टोरेंट और स्थानीय घरों से निकलने वाली सीवरेज की गंदगी को नाले में फेंकने वालों लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी जारी किए। इस दौरान जल, वायु, ध्वनि प्रदूषण, अवैध डंपिंग, अवैध खनन को रोकने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और सिंगल यूज प्लास्टिक, ठोस एवं तरल कचरे का सही निष्पादन सुनिश्चित बनाने से संबंधित आवश्यक पहलुओं पर भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।