डलहौजी (चंबा)। निरंकारी सत्संग भवन बनीखेत में साप्ताहिक सत्संग का आयोजन किया गया। इस दौरान चंबा से प्रचार टूर प्रोग्राम में आए महात्मा डाक्टर राजेंद्र ने कहा कि ब्रह्मज्ञान से परमात्मा को जानकर अपने जीवन को मानवीय गुणों से युक्त बनाया जा सकता है।
यह तभी संभव है, जब परमात्मा से अपना नाता गहरा किया जाए। इसके बाद ही आध्यात्मिकता से युक्त होकर प्रेम भक्ति शुरू होगी। इस आध्यात्मिकता की ज्योति से दृष्टिकोण बदलता है। उसके जीवन में सकारात्मक सोच एवं विशालता आती है। कहा कि इस संपूर्ण सृष्टि का सृजन हार यह परमपिता परमात्मा है। यही सभी कारणों का कारण भी है। उन्होंने कहा कि ब्रह्म ज्ञान की प्राप्ति के बाद भक्त का मन पवित्र, व जीवन वास्तविकता में आनंदमयी बन जाता है। संवाद