चंबा। जिला संयुक्त पटवार एवं कानूनगो महासंघ ने जिला स्तरीय कैडर के साथ छेड़छाड़ कर राज्य स्तरीय करने पर विरोध जताया है। संघ के पदाधिकारियों ने फैसला लिया है कि मंगलवार तक कोई भी ऑनलाइन कार्य नहीं करेंगे।
इस मामले में पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त मुकेश रेपसवाल से मिला और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को ज्ञापन भेजा।
महासचिव जितेंद्र शर्मा, सदस्य नरोत्तम सिंह और अजय कुमार ने बताया कि वर्तमान में कार्यरत पटवारी एवं कानूनगो पूरे प्रदेश में जिला स्तरीय कैडर के तहत नियुक्त हुए हैं। उसी के तहत आरएंडपी नियमों के अनुसार सेवाएं दे रहे हैं। सरकार अगर कैडर जिला से राज्य स्तरीय करती है तो यह कैडर उन पटवारी भर्तियों पर लागू हो, जिनकी अधिसूचना सरकार वर्तमान में कर रही है।
बताया कि जिला स्तरीय कैडर प्रदेश की भौगोलिक, परिस्थितियों, रीति-रिवाज, भाषा एवं प्रचलित बोलियों के आधार पर स्थानीय लोगों से आत्मीयता का भाव रखने के लिए किया गया था, मगर इसके साथ अवांछित छेड़छाड़ क्षेत्रीय कर्मचारियों की कार्य कुशलता, क्षमता और लोगों के साथ आपसी तालमेल को प्रभावित करेगी।
जिला स्तरीय कैडर से राज्य स्तरीय कैडर होने पर विभिन्न जिलों में स्थित स्थापना शाखाएं प्रभावित होंगी। कहा कि जिला स्तरीय कैडर के तहत समूचे प्रदेश में कार्यरत पटवारी एवं कानूनगो जब राज्य स्तरीय कैडर के तहत स्थानांतरित किया जाएगा तो कब्ज़ा, नाजायज मिसलें जो विभिन्न न्यायालय में विचाराधीन हैं, उनकी पेशी के लिए दूरदराज क्षेत्रों से समय पर हाजिर होना पड़ेगा। इस कारण समय और कर्मचारी की कार्यक्षमता और संबंधित लोगों के कार्य अनावश्यक तौर पर बाधित होंगे एवं अतिरिक्त रूप से कर्मचारियों की यात्रा भत्ता का बोझ सरकार पर पड़ेगा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि कैडर को ना बदला जाए और कर्मचारियों की मांगों को सरकार पूरा करें।