चंबा। मेडिकल कॉलेज चंबा में चिकित्सकों की कमी से मरीजों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। आलम यह है कि चिकित्सकों के स्वीकृत 250 पदों में से 100 चिकित्सकों के पद रिक्त चले हुए हैं। हाल ही चिकित्सकों और जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज चंबा में ज्वाइन किया, लेकिन महज पांच माह का समय व्यतीत करने के बाद अब आठ जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने भी मेडिकल कॉलेज चंबा को अलविदा कह दिया है। इससे यहां के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। एक तरफ जहां विभिन्न वार्डों में राउंड के बाद ऑन काल विशेषज्ञ चिकित्सक बुलाने पड़ रहे हैं।
वहीं, दूसरी ओर प्रशिक्षु चिकित्सकों के सहारे उपचाराधीन मरीजों की नब्ज टटोली जा रही है। विभिन्न ओपीडी के भीतर दो से अधिक चिकित्सक न होने से उपचार करवाने के लिए पहुंचने वाले मरीजों को परेशानियां उठानी पड़ती हैं। घंटों इंतजार करने के बाद ही मरीज कतारों में लंबे इंतजार के बाद अपना उपचार करवाने के लिए विवश हैं। मेडिकल कॉलेज चंबा तीन वर्षों से चिकित्सकों की कमी से जूझता रहा। इसके बाद सरकार ने यहां पर चिकित्सकों की तैनाती के लिए विशेष लाभ देने का वादा भी किया, लेकिन यह समस्या अब तक हल नहीं हुई।
130 आउससोर्स कर्मी पहले हो चुके हैं बाहर
वैश्विक महामारी कोरोना काल में मेडिकल कॉलेज चंबा में आउटसोर्स पर 130 के करीब स्टाफ नर्सों, वार्ड बाॅय, पेंसेंट केयर, लैब तकनीशियन और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को रखा गया था। इन कर्मचारियों ने महामारी के दौरान दिन-रात ड्यूटी की है। सरकार ने इन कर्मियों के लिए नीति बनाने की बजाय अनुबंध न होने पर इन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। ऐसे में चिकित्सकों समेत अन्य स्टाफ की कमी से उपचार करवाने को पहुंचने वाले लोगों को ही परेशानियां उठानी पड़ रही हैं।
सदर विधायक नीरज नैयर ने बताया कि मामला ध्यान में लाया गया है। सरकार और मुख्यमंत्री से चिकित्सकों के पदों को भरने के बारे में बात की जाएगी। इससे चंबावासियों को उपचार के लिए परेशानियां न उठानी पड़े।
इनसेट
पूर्व विधायक पवन नैयर ने बताया कि मेडिकल कॉलेज चंबा में हालात बद से बदतर हो रहे हैं। कांग्रेस सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने में पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है।
मेडिकल कॉलेज चंबा के प्रवक्ता डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि आठ जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के रिजाइन करने बारे सरकार को अवगत करवा दिया गया है। मेडिकल कॉलेज चंबा में 40 फीसदी चिकित्सकों के पद रिक्त हैं।