अमर उजाला में प्रकाशित खबर।संवाद
तीसा (चंबा)। आखिरकार तीन दिन बाद सिविल अस्पताल तीसा और तीसागढ़ गांव में उजाला हुआ है। तीन दिन पहले ट्रांसफार्मर जलने से बिजली आपूर्ति बंद पड़ गई थी।
इस कारण अस्पताल में अंधेरा पसर गया। वहीं, एक्सरे सहित अन्य टेस्ट भी बंद हो गए। महिला का प्रसव भी इमरजेंसी लाइट में करवाना पड़ा। इतना ही नहीं, तीसा गढ़ गांव के सौ परिवार अंधेरे में ही रात काटने पर मजबूर रहे। ग्रामीणों को मोबाइल चार्ज करने के लिए दूसरे गांव जाना पड़ा। ऑनलाइन कार्य भी बंद रहा।
ग्रामीणों ने बार- बार बिजली बोर्ड को व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए अवगत किया, लेकिन बोर्ड ट्रांसफार्मर की मरम्मत के लिए पठानकोट भेजने का ग्रामीणों को तर्क देता रहा। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद विद्युत बोर्ड हरकत में आया और शनिवार को नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया।
लोगों में दलीप कुमार, मनोज कुमार, प्रकाश चंद, अशोक कुमार, किशन चंद और पवन कुमार ने कहा कि तीन दिन तक बिना लाइट रहना काफी मुश्किल हो गया था। अस्पताल में भी व्यवस्था सही नहीं थी।
बिजली बोर्ड के कार्यवाहक सहायक अभियंता अमित कुमार ने कहा कि जो ट्रांसफार्मर जल गया है, वह मरम्मत के लिए पठानकोट में ही है। खराब ट्रांसफार्मर के स्थान पर तीसा में नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है।