छतराड़ी जातर मेले के दौरान नृत्य करते विधानसभ उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया समेत अन्य लोग।
चंबा। विधानसभा उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने मां शिव-शक्ति के छतराड़ी स्थित ऐतिहासिक मंदिर परिसर में जिला स्तरीय जातर मेले में भाग लिया।
उन्होंने पारंपरिक गद्दी वेशभूषा चोला-डोला पहनकर मां शिवशक्ति मंदिर में पूजा-अर्चना की। लोक परंपरा के अनुसार शहनाई, ढोल, नगाड़ों की स्वर लहरियों के बीच स्थानीय लोगों के साथ लोक नृत्य भी किया।
पठानिया ने इस दौरान यात्रा मेले में भाग लेने वाले लोकनाट्य दलों के 200 से अधिक प्रतिभागियों को इलेक्ट्रिक कैटल भेंट की। राधा अष्टमी के दूसरे दिन से जातर मेले का आयोजन किया जाता है। मणिमहेश डल झील से पवित्र जल लाकर मां की मूर्ति को स्नान करवाया जाता है। इसके पश्चात मां की पूजा-अर्चना करने के पश्चात मुखौटे पहनकर नृत्य करने की परंपरा का निर्वहन किया जाता हैं।
स्थानीय लोगों का यह मानना है कि ऐसा करने से राक्षक एवं बुरी आत्माओं को गांव से भगा दिया गया है। मेले का मुख्य आकर्षण पौराणिक खप्पर बुढ़ा नृत्य (मुखौटा डांस) और पारंपरिक वेशभूषा में एक दूसरे के हाथ पकड़कर किया जाने वाला डंडारस लोकनृत्य रहता है। पारंपरिक चोले-डोरे और लंबी टोपी के ऊपर सजी कलगी के साथ डंडारस लोकनृत्य के उन खूबसूरत लम्हों को देखने के लिए सैकड़ों की तादाद में लोग पहुंचते हैं। मेले के दौरान चार दिन तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। तीन दिन तक दोपहर में होने वाले जातर मेले में पारंपरिक परिधानों में केवल पुरुष ही लोक नृत्य में भाग लेते हैं।