चंबा। चंबा के नए बस अड्डे में संयुक्त समयसारिणी न होने के चक्कर में सवारियां पिस रही हैं। निजी और निगम की बसों की संयुक्त समयसारिणी का बोर्ड न होने से जहां यात्रा करने वाले लोगों को दिक्कत हो रही है तो वहीं बसों के समय को लेकर अक्सर चालकों और परिचालकों में झगड़े होते रहते हैं। हालांकि, सरकारी बसों की समयसारिणी प्रदर्शित की गई है लेकिन निजी बसों की समयसारिणी अंकित नहीं की गई है।
कई बार स्थिति ऐसी हो जाती है कि बसें समय पर अपने गंतव्यों तक नहीं पहुंच पाती हैं। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ता है। हैरानी की बात यह है कि 14 अप्रैल 2017 में नए बस अड्डे का निर्माण हुआ था। तब से लेकर आज संबंधित विभाग ने संयुक्त समयसारिणी का बोर्ड नहीं लगाया है।
समयसािरणी को लेकर होने वाली नोकझोंक और झगड़ों से तंग होकर अब यूनियन के पदाधिकारियों ने आरटीओ और आरएम को आड़े हाथ लिया है। कहा कि कई बार प्रशासन के आदेशों के बावजूद अभी तक संयुक्त समयसारणी का बोर्ड बस अड्ड में नहीं लगाया गया है।
जिले में हिमाचल पथ परिवहन निगम के वर्तमान में 110 रूटों पर एचआरटीसी की डेढ़ सौ से अधिक बसें और 132 रूटों पर निजी बसें दौड़ रही हैं। चालक यूनियन चंबा और निजी चालक-परिचालक यूनियन ने कई बार उपायुक्त चंबा, उपमंडल अधिकारी, संबंधित निगम के अधिकारी और आरटीओ को पत्र लिखकर संयुक्त समयसारणी का बोर्ड लगाने की गुहार लगाई गई है।
तीन से पांच मिनट का है अंतराल
जिले के कई ग्रामीण रूटों पर 40 से लेकर 70 किमी तक सरकारी और निजी बसों के समय में तीन से पांच मिनट का अंतराल है। कई रूटों पर तो सरकारी और निजी बसों का समय भी एक ही किया गया है। ऐसे में सरकारी और निजी बसों के चालकों में आगे निकलने की होड़ लगी रहती है जो बड़े हादसों को न्योता देती है।
निजी बस चालक-परिचालक यूनियन के प्रधान मनोज कुमार ने बताया कि कई बार उपायुक्त, एसडीएम, आरटीओ और आरएम को संयुक्त समयसारिणी का बोर्ड बस अड्डे में लगाने का आग्रह किया गया लेकिन समस्या जस की तस है।
परिवहन निगम के चालक यूनियन के प्रधान ओम शंकर ने बताया कि एक वर्ष पहले एसडीएम चंबा के पास समयसारिणी को लेकर हुए झगड़े के बाद बैठक हुई। इसमें उन्हें 15 दिन के भीतर संयुक्त समयसारणी का बोर्ड लगाने का आश्वासन दिया गया लेकिन आज तक समयसारणी का बोर्ड नहीं लग पाया है।
क्षेत्रीय प्रबंधक ओंकार शर्मा ने बताया कि उनके पास समयसारिणी को लेकर कोई प्रार्थना पत्र नहीं पहुंचा है। ऐसी बात है तो चालक उनसे आकर मिलें। संयुक्त समयसारिणी का बोर्ड जल्द लगवा दिया जाएगा।