चंबा में घटना के बाद बच्चे की तलाश में जुटी एनडीआरएफ की टीम।संवाद
चंबा। पापा...ये क्या कर रहे हो, नीचे बहुत पानी है, मासूम अपने पिता से कहता रहा लेकिन पिता का कलेजा नहीं पसीजा। जिस पिता की उंगली पकड़कर बच्चा दुनिया को समझ रहा था, उसी ने उसे पुल से नीचे धकेल दिया। इसके बाद एक तेज आवाज हुई और मासूम राव की लहरों में समा गया। घटना को याद करते हुए आरोपी पिता ने पुलिस के समक्ष जो कुछ बताया, उसे सुनकर हर किसी का कलेजा कांप उठा। उसने बताया कि बच्चा आखिरी समय तक अपने पिता को रोकता रहा। वह बार-बार नीचे गहरे पानी का हवाला देकर डर रहा था, लेकिन आरोपी ने उसकी एक नहीं सुनी। सबसे ज्यादा झकझोर देने वाली बात यह रही कि घटना का जिक्र करते समय आरोपी के चेहरे पर कथित तौर पर कोई शिकन तक नहीं थी। उसे इस बात का अहसास तक नहीं था कि उसने अपने ही हाथों मासूम को रावी की लहरों के हवाले कर दिया। जिस बच्चे ने आखिरी पल में भी पिता को पुकारकर भरोसा जताया, वही पिता उसकी जिंदगी लेने पर उतारू हो गया। पापा मासूम की यह आखिरी पुकार और उसके बाद आई थपाक की आवाज अब इस दर्दनाक घटना की सबसे भयावह याद बन गई है। घटना ने हर किसी को भीतर तक झकझोर दिया है। सवाल यही है कि आखिर एक पिता अपने ही बच्चे के साथ इतना निर्मम कैसे हो सकता है। मासूम की आखिरी आवाज अब उन लोगों के जेहन में गूंज रही है, जिन्होंने इस घटना के बारे में सुना है। कुल मिलाकर हर कोई इस घटना से स्तब्ध है।