पांगी (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र पांगी की 19 पंचायतों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्रदान करने वाले कॉलेज में प्रवक्ताओं की भारी कमी चल रही है। इसकी वजह से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कॉलेज में प्रवक्ताओं के 17 पद स्वीकृत हैं लेकिन मौजूदा समय में कॉलेज में मात्र चार प्रवक्ता ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अन्य प्रवक्ताओं की जिम्मेदारी भी उन्हें ही संभालनी पड़ रही है।
यही कारण है कि पांगी के विद्यार्थी आज भी कुल्लू और चंबा में पहुंचकर कॉलेज की पढ़ाई करने के लिए मजबूर हैं क्योंकि प्रवक्ताओं के कमी की वजह से विद्यार्थियों की पढ़ाई सही तरीके से नहीं हो पा रही है। सरकार और प्रशासन से विद्यार्थी कई बार कॉलेज में प्रवक्ताओं के रिक्त पद भरने की मांग कर चुके हैं लेकिन अभी तक उनकी मांग पूरी नहीं हो पाई है। इसको लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों में रोष है। भले ही सरकार ने पांगी के बच्चों की सुविधा के लिए किलाड़ में कॉलेज खोल रखा है लेकिन इसमें बच्चों को पढ़ाने वाले प्रवक्ता पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं हैं। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। मौजूदा समय में कॉलेज में हिंदी, राजनीतिक विज्ञान, इतिहास और भूगोल के प्रवक्ता ही उपलब्ध हैं।
अभिभावकों बुद्धि प्रकाश, कविता कुमारी, राजेश खन्ना, रजनी देवी, रणजीत सिंह, विकास कुमार, आशा कुमारी, कमलेश कुमारी और सुनीता देवी ने बताया कि पांगी महाविद्यालय में अंग्रेजी प्रवक्ता के दो पद स्वीकृत हैं जो अभी तक खाली हैं। अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, शारीरिक शिक्षक, फिजिक्स, जूलॉजी, केमिस्ट्री और बाटनी का एक-एक पद खाली पड़ा है। इसके अलावा वाणिज्य और संगीत विषयों के प्राध्यापकों के दो-दो पद खाली हैं। इसका सीधा असर कॉलेज में पढ़ने वाले 200 विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए।
कॉलेज में रिक्त पदों के बारे में सरकार और उच्चाधिकारी को अवगत करवाया जा चुका है। सरकार जल्द ही कॉलेज में प्रवक्ताओं की तैनाती कर सकती है। राजिंदरा भारद्वाज, प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय पांगी (किलाड़)।