चंबा। विकास खंड मैहला के तहत आती ग्राम पंचायत चड़ी के गांव सताण में हुए दर्दनाक हादसे को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों ने दो साल पहले प्रशासन को आगाह कर दिया था। प्रशासन को पंचायत प्रतिनिधियों ने ज्ञापन सौंपकर गांव के समीप प्रोटेक्शन वर्क करवाने की गुहार लगाई थी मगर यह गुहार प्रशासन तक नहीं पहुंची। बहरहाल, रविवार देर रात इस अनदेखी का खामियाजा परिवार को भुगतना पड़ा है। जहां एक दंपती की पहाड़ी से गिरे मलबे के नीचे दबने से मौत हो गई। घटना के बाद चर्चाएं रहीं कि अगर प्रशासन समय रहते इस मामले पर गंभीरता दिखाता तो मात्र नवविवाहित जोड़े की मौत नहीं होती। इस घटना से पूरे कियाणी और मैहला क्षेत्र में मातम छा गया है। विवाहिता अपने मायके आई थी जबकि, पांच दिन पहले ही पति उसे मायके छोड़कर गया था। रविवार को पति उसे लेने आया था और सोमवार को दोनों घर वापस आने वाले थे। रात को खाना खाने के बाद परिवार के अन्य सदस्य दूसरे कमरे में चले गए।जबकि राहुल और पल्लवी नए कमरे में चले गए। देर रात बरपे कहर ने दो जिंदगियां लील लीं। स्थानीय पंचायत प्रधान पविंद्र कुमार ने बताया कि इस बारे प्रशासन को करीब दो साल पहले अवगत करवाया था लेकिन प्रशासन की ओर से इसे गंभीरता से नहीं लिया गया।