अमर उजाला में प्रकाशित खबर।संवाद
चंबा। चुराह विधानसभा क्षेत्र की सनवाल पंचायत में लाखों के सेब पौधे की खरीद मामले में जारी कारण बताओ नोटिस पंचायत प्रतिनिधियों के गले की फांस बन गए हैं।
अभी तक नोटिस का किसी भी पंचायत प्रतिनिधि ने जवाब नहीं दिया है। ऐसे में जिला प्रशासन पंचायत प्रतिनिधियों के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई भी कर सकता है। 17 जनवरी को उपायुक्त ने सनवाल पंचायत के सभी प्रतिनिधियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए थे। इन्हें 10 दिन में नोटिस का जवाब देने के निर्देश दिए थे। हैरानी की बात है कि अभी तक किसी भी पंचायत प्रतिनिधि ने नोटिस का जवाब नहीं दिया है।
सनवाल पंचायत में करीब 1.20 करोड़ से मनरेगा के तहत सेब बगीचे लगाने का कार्य स्वीकृत हुआ। पंचायत प्रतिनिधियों ने धनराशि का दुरुपयोग करने के लिए नियम ताक पर रखकर पौधों की खरीद की। उद्यान विभाग से गुणवत्ता जांच करवाए बिना सेब के पौधे खरीदे गए। इनकी खरीद तय दाम से कई गुना अधिक दाम पर की गई।
जिस नर्सरी से 48000 पौधे खरीदे गए, उसमें इतनी अधिक संख्या में सेब पौधे तैयार करने की क्षमता नहीं है। ऐसे में पंचायत प्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली स्वयं सवालों के घरों में आ जाती है।
खंड विकास अधिकारी तीसा निशी महाजन ने बताया कि अभी तक सनवाल पंचायत के किसी भी प्रतिनिधि ने उपायुक्त के कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं दिया है। इसको लेकर उपायुक्त को अवगत करवा दिया जाएगा।