भ्रष्टाचार और सरकारी धन के दुरुपयोग की सूचना समय पर न देने पर जिला पंचायत कार्यालय के अधीक्षक को राज्य मुख्य सूचना आयुक्त की अदालत ने 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है जिसे सरकारी खजाने में जमा करवाना होगा। जबकि अपीलकर्ता को सरकार की ओर से 5,500 रुपये मुआवजा अदा करने के निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही मामले की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। आरटीआई कार्यकर्ता भगत राम ठाकुर पुत्र बुधिया राम ठाकुर गांव भड़ियांकोठी ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2017-18 में जिला पंचायत कार्यालय से भ्रष्टाचार और सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले को लेकर तीन अलग-अलग आरटीआई के माध्यम से सूचना के अधिकार के तहत पंचायत कार्यालय के अधीक्षक से सूचनाएं मांगीं लेकिन जिला पंचायत कार्यालय में तैनात अधीक्षक ने किसी भी आरटीआई की समय पर उन्हें कोई जानकारी नहीं दी।
इसकी अपीलकर्ता ने पहली अपील जिला पंचायत अधिकारी के पास की। पंचायत अधिकारी के निर्देश के बावजूद जानकारी न मिलने पर उन्होंने दूसरी अपील अधीक्षक के खिलाफ राज्य मुख्य सूचना आयुक्त की अदालत में की। इसके तहत हुई विभिन्न पेशियों में अधीक्षक अनुपस्थित पाया गया। इसी क्रम में आखिरकार 29 जून 2022 को राज्य मुख्य सूचना आयुक्त ने ये आदेश जारी किए। एडीएम चंबा अमित मेहरा ने बताया कि राज्य मुख्य सूचना आयुक्त के निर्देश शुक्रवार शाम को मिले। इस पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए जिला पंचायत अधिकारी को पत्र लिख कर एक सप्ताह में कार्यवाही अमल में लाने के निर्देश दिए गए है। बताया कि पूरे मामले के विश्लेषण के बाद ही देखा जाएगा कि इस पर जांच हो सकती है या नहीं।