चंबा। मडिकल कॉलेज आउटसोर्स कर्मचारियों ने पुरानी कंपनी पर शोषण करने के आरोप लगाए हैं। सोमवार को कर्मचारियों की यूनियन ने बैठक की। इसमें पुरानी कंपनी की ओर से किए गए शोषण को उन्होंने मीडिया के सामने रखा। यूनियन के सदस्य सुनील कुमार, बिट्टू, तरूण, आशीष और सुरेंद्र कुमार ने बताया कि जब पिछले साल दतार सिक्योरिटी कंपनी को आउटसोर्स का ठेका मिला था।
उससे पहले कार्य करने वाली कंपनी ने एक मई से लेकर 15 मई तक कर्मचारियों को 5,600 रुपये वेतन दिया। जबकि दतार कंपनी ने 15 मई से 31 मई तक कर्मचारियों को 2,100 रुपये वेतन दिया। यह वेतन किस आधार पर दिया गया, इसके बारे में कर्मचारियों को आज तक नहीं बताया गया है। कभी भी कंपनी ने कर्मचारियों को समय पर वेतन का भुगतान नहीं किया। अब यह कंपनी झूठे दस्तावेज पेश करने के आरोप में मेडिकल कॉलेज से बाहर हो चुकी है। ऐसे में कंपनी के अधिकारी आउटसोर्स कर्मचारियों को डरा-मका रहे हैं। यूनियन के कुछ सदस्यों को कोर्ट के नोटिस भी भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी ने झूठे दस्तावेज पेश करके खुद गैर कानूनी कार्य किया। जब इसको लेकर उन्हें सजा मिली तो इसका ठीकरा आउटसोर्स कर्मचारियों के सिर पर फोड़ा जा रहा है। कहा कि कर्मचारी पुरानी कंपनी के इस तानाशाही रवैये से अब डरने वाले नहीं है।