चंबा। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भालुओं के झुंड आम देखे जा सकते हैं। इस साल अब तक भालुओं के हमले में एक महिला की मौत और आधा दर्जन लोग घायल हो चुके हैं।
पर्यटन स्थल डलहौजी, बनीखेत, खज्जियार, जोत और लुड्डू के दायरे में आने वाले रिहायशी क्षेत्रों में भी मादा भालू बच्चों के साथ कई बार देखी गई है। भालुओं के रिहायशी क्षेत्रों में दिखने से ग्रामीण खौफजदा हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रिहायशी क्षेत्रों में भालू दिखने पर भी वन विभाग इन्हें खदेड़ने के लिए सकारात्मक कदम नहीं उठा रहा है। अब मक्की पकने का सीजन है। ऐसे में भालुओं का रिहायशी क्षेत्रों में दिखना चिंता का विषय है।
जिला मुख्यालय के साथ लगते फाट गांव में काम पर जा रहे बालकू को भालू ने हमला कर घायल कर दिया था। वहीं, नगर परिषद डलहौजी के तहत लोहाली वार्ड में मदन लाल पर भालू की ओर से हमला करने का मामला सामने आया था। इसके अलावा खेतों में घास काट रहीं छुनको देवी पर भी भालू ने हमला कर लहूलुहान कर दिया था। इसके अलावा भी कुछ इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं। शुक्रवार को एक बार फिर से जंगल में घास काट रही देवरानी-जेठानी पर मादा भालू ने बच्चों ने हमला किया। इसमें देवरानी की मौत हो गई। जेठानी का मेडिकल कॉलेज चंबा में उपचार चल रहा है।
एडवाइजरी जारी, अकेले जंगल न जाएं ग्रामीण
मक्की की फसल पकने के बाद भालुओं के रिहायशी क्षेत्रों में दिखने और हमले करने की घटनाओं के बाद वन विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अकेले जंगल न जाएं। सुबह और रात के समय घरों से न निकलें। किसी कारणवश सुबह या रात को कहीं जा रहे हैं तो अपने साथ टॉर्च रखें और उसे जलाकर जलें। कहीं भी जंगली जानवर दिखने पर तुरंत विभाग की आरआरटी रैपिड रिस्पांस टीम को मोबाइल नंबर- 98163-07074 पर संपर्क करें।
वन विभाग के मुख्य अरण्यपाल अभिलाष दामोदर ने बताया कि जंगलों का कम होना और मक्की की फसल पकने से जानवर रिहायशी क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं। भालू से लोगों की रक्षा करने के लिए आरआरटी टीम तैनात की गई है। इसका नंबर भी सार्वजनिक कर दिया गया है। जंगलों के साथ लगते रिहायशी क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है। लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है।