सलूणी (चंबा)। प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्र गुलेल में पिछले चार वर्षों से ताला लटका हुआ है। इस कारण आधा दर्जन से अधिक गांवों की करीब 2500 आबादी को छोटी-मोटी बीमारी में चिकित्सीय परामर्श के लिए छह से 15 किलोमीटर का सफर करना पड़ रहा है। पिछला डियूर से नागरिक अस्पताल सलूणी छह किलोमीटर और नागरिक अस्पताल किहार 15 किलोमीटर दूर है।
स्वास्थ्य उपकेंद्र गुलेल में चार वर्षों से कोई फार्मासिस्ट नहीं है। इस कारण मरीजों को चिकित्सीय परामर्श मिलना तो दूर, दवाई भी नहीं दी जा रही है। पिछला डियूर पंचायत के गांव गुलेल, गरोहन, सेरी, लोदली, तिमरेला, मक्कन सहित अन्य गांवों के लोग स्वास्थ्य लाभ के लिए इसी स्वास्थ्य उपकेंद्र पर निर्भर रहते हैं, लेकिन पिछले चार सालों से यहां ताला लटका पड़ा है।
ग्रामीणों में रमेश कुमार, सोभिया, शरीफ मोहम्मद, हुसैन, बबलू, दीपक, भीलो राम और सुरेश कुमार ने बताया कि गांव में यदि किसी को बुखार या जुकाम भी हो तो उसे दवाई लेने के लिए किहार या सलूणी जाना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि स्वास्थ्य उपकेंद्र में फार्मासिस्ट की तैनाती की जाए, ताकि लाभ मिल सके। उधर, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. शाम लाल ने बताया कि स्वास्थ्य उपकेंद्र में रिक्त चल रहे फार्मासिस्ट के बारे में सरकार को अवगत करवा दिया गया है।