संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। प्रतिनियुक्ति का सहारा लेकर अपने गृह जिलों में नौकरी करने वाली स्टाफ नर्सों को अब अपने मूल स्थानों में ही ड्यूटी देनी होगी। इसके लिए स्वास्थ्य निदेशक ने सभी स्टाफ नर्सों सहित अन्य पैरामेडिकल स्टाफ प्रतिनियुक्तियां रद्द कर दी हैं। साथ ही स्टाफ को तुरंत अपने मूल स्थानों पर ड्यूटी देने के आदेश जारी किए हैं। ऐसा नहीं करने वाले स्टाफ के खिलाफ विभाग को कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से तीन स्टाफ नर्सें प्रतिनियुक्ति पर अपने गृह जिलों और पसंदीदा स्वास्थ्य संस्थानों में ड्यूटी कर रही हैं। इससे मेडिकल कॉलेज में स्टाफ नर्सों की कमी पूरी नहीं हो पा रही है। इसी तरह प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य संस्थानों से प्रतिनियुक्ति पर दूसरे स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाएं देने वाले स्टाफ को अपने मूल स्थानों में ही ड्यूटी देनी होगी।
प्रदेश सरकार ने कुछ वर्ष पहले चंबा मेडिकल कॉलेज में 100 स्टाफ नर्सों की तैनाती की थी। इनमें 50 स्टाफ नर्सें नियमित होकर यहां से जा चुकी हैं। तीन स्टाफ नर्सें प्रतिनियुक्ति पर चली गई हैं। मौजूदा समय में स्टाफ नर्सों का कार्यभार कोविड काल में आउटसोर्स पर तैनात नर्सों के कंधों पर है। प्रतिनियुक्ति पर गईं ये तीन नर्सें कागजों में चंबा में तैनात हैं लेकिन वे नौकरी अपने गृह जिलों में कर रही हैं। ऐसे में स्वास्थ्य निदेशक ने आदेश जारी करते हुए सभी प्रतिनियुक्तियां रद्द करने के आदेश दिए हैं।
प्रदेश में प्रतिनियुक्ति पर मूल स्थानों के बजाय दूसरे स्थानों में ड्यूटी देने वाली स्टाफ नर्सों सहित अन्य पैरामेडिकल स्टाफ की प्रतिनियुक्तियां रद्द कर दी गई हैं। इन कर्मचारियों को अपने मूल स्थानों में ही ड्यूटी करनी होगी। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. गोपाल बेरी, स्वास्थ्य निदेशक।