ऊना। शहर में साथ लगते पंचायत क्षेत्रों में से भी कूड़ा उठाने को लेकर प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
इन क्षेत्रों में आने वाले होटलों व अन्य व्यवसायिक संस्थानों को भी इस मुहिम से जोड़ा जाएगा। इससे शहर के साथ लगते क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहेगी।
वर्तमान में नगर परिषद 11 वार्डों में ही डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन की सुविधा चला रही है। जबकि, साथ लगते क्षेत्रों में गंदगी पसरी रहती है। ऊना शहर के साथ लगती पंचायतोंं में भी व्यावसायिक भवनोंं का तेजी से निर्माण हो रहा है। इन क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था राम भरोसे ही चल रही है। पंचायत क्षेत्र होने के चलते इन क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन को लेकर कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में शहरी क्षेत्र शुरू होते ही कूड़े के ढेर दिखना शुरू हो जाते हैं।
इस समस्या को दूर करने के लिए नगर परिषद पंचायती क्षेत्रों में पड़ने वाले स्थानों से कूड़ा एकत्रित करने की योजना तैयार की है। इसे लेकर पंचायतों ने भी अपनी मंजूरी दे दी है। नगर परिषद फरवरी से इन क्षेत्रों से भी कूड़ा एकत्रित करने के लिए व्यवस्था बनाने जा रहा है। बता दें कि शहर के साथ लगते लालसिंगी, अरनियाला व रक्कड़ कालोनी का क्षेत्र नगर परिषद के अधीन नहीं आता है। इन क्षेत्रों में अब सफाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए इन व्यावसायिक संस्थानों को डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन योजना से जोड़ा जाएगा। व्यावसायिक संस्थानों से तय शुल्क भी लिया जाएगा। वर्तमान में शहर से रोजाना दो टन गीला कचरा व पांच क्विंटल सूखा कचरा एकत्रित किया जाता है।
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यह है डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन की दर
नगर परिषद डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन योजना के तहत प्रति घर 50 रुपये, प्रति दुकान 100, ढ़ाबा व जूस बार 50 रुपये प्रति माह वसूल करता है। बड़े होटल, बार व रेस्तरां से 1500 रुपये वसूले जा रह हैं।
कोट्स :
शहर के साथ लगते पंचायत क्षेत्रों में बड़े व्यावसायिक संस्थान स्थापित हुए हैं। इन संस्थानों को डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन योजना से जोड़ा जाएगा। इसके लिए उक्त क्षेत्रों की पंचायतों ने भी मंजूरी दे दी है। फरवरी से सुविधा शुरू करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
पुष्पा देवी, अध्यक्ष नगर परिषद ऊना ।