चंबा नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे पार्षद।संवाद
चंबा। शहर में दूसरे दिन भी कांग्रेस समर्थित वार्ड पार्षदों का प्रदर्शन जारी रहा। प्रदर्शनकारी पार्षदों ने नगर परिषद अध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी की।
आरोप लगाया कि जैसा पूर्व विधायक पवन नैय्यर कहते हैं, नगर परिषद अध्यक्ष उन्हीं के निर्देशों के अनुरूप कार्य करती हैं। दूसरे दिन भी नगर परिषद कार्यालय के प्रवेश द्वार पर पार्षदों ने आधा घंटा धरना-प्रर्दशन किया। नगर परिषद को चेतावनी दी है कि जब तक शहर के विकासात्मक कार्य शुरू नहीं होंगे, तब तक हड़ताल पर रहेंगे।
पार्षद अंजू देवी, खालिद मिर्जा, उर्मिला जसरोटिया और सीमा कुमारी ने कहा कि नगर परिषद कार्यालय में पेवर की ईंटें बोरियों में रखी हैं। इनकी क्वालिटी बेहद निम्न है। इस बारे में पार्षदों से कोई राय नहीं ली गई। बताया कि वे आईएसआई मार्क वाली पेवर ईंटों की मांग कर रहे हैं। नगर परिषद में स्थायी कार्यकारी अधिकारी की तैनाती नहीं हो रही है। जब कोई स्थायी अधिकारी आता है तो उसका कुछ समय बाद तबादला कर दिया जाता है। इससे शहर में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। एक वर्ष से शहर के विकास कार्यों के लिए कोई टेंडर नहीं हुआ है। वर्तमान में टेंडर हुए तो नप अध्यक्ष ने उन्हें रद्द कर दिया। पिछले एक सालों से सुल्तानपुर, हरदासपुरा, चौगान और सुराड़ा वार्ड को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में हस्तक्षेप किया जाए।
नगर परिषद चंबा की अध्यक्ष नीलम नैय्यर ने कहा कि वह सालों से नगर परिषद चंबा के अध्यक्ष पद पर हैं। विकास कार्य किस तरह होते हैं, अच्छी तरह जानती हैं। बताया कि 15 टेंडरों में से एक टेंडर रद्द किया गया है। 14 के काम चल रहे हैं। जब ठेकेदारों ने निविदाएं नहीं दीं तो उस टेंडर को कैसे पास कर दें।