फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chamba News: बीस सालों से गरीब परिवारों का पता लगाने के लिए सर्वे नहीं कर पाई नप

Wed, 27 Mar 2024 07:08 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
विज्ञापन
विज्ञापन
बीस सालों से गरीब परिवारों का पता लगाने के लिए सर्वे नहीं कर पाई नप
विज्ञापन

शहर के 11 वार्डों के कई पात्र परिवार सुविधाओं से हो रहे वंचित, हर पांच साल बाद होता था सर्वे
नप का दावा - तीन बार भेजा प्रस्ताव, निदेशालय ने सर्वे को लेकर कर दिया इनकार
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। शहर में बीपीएल परिवारों की संख्या का पता लगाने के लिए नगर परिषद पिछले 20 सालों से सर्वे नहीं करवा पाई है। इस कारण कई परिवार ऐसे हैं, जो बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) की सूची में दर्ज नहीं हो पाए हैं। न ही ये लोग सरकारी योजनाओं का लाभ उठा पा रहे हैं। वैसे तो बीपीएल सूची में पात्र लोगों को शामिल करने के लिए पांच साल बाद सर्वे करवाया जाता है, लेकिन नगर परिषद पिछले 20 साल से यह सर्वे नहीं करवा पाई है। हालांकि, नगर परिषद का दावा है कि सर्वे को लेकर तीन बार प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन निदेशालय की ओर से सर्वे को लेकर मना कर दिया गया है। इतना लंबा समय बीतने के बाद भी सर्वे न होने से गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहे है। ये लोग कई अन्य सुविधाओं से भी वंचित हो रहे हैं। नगर परिषद के पास भी 20 साल के अंतराल में नए गरीब परिवारों की संख्या का सही आंकड़ा नहीं है।
बता दें कि गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों को बीपीएल सूची में शामिल करने के लिए नगर परिषद की टीम सर्वे करती है। इसके लिए लगभग एक माह का समय लगता है। इससे पहले वर्ष 2004 में अंतिम सर्वे हुआ था। इसके बाद सर्वे के नाम पर खानापूर्ति ही की गई है। पिछले बीस सालों के गरीब परिवारों को नगर परिषद नहीं ढूंढ पाई है। वर्तमान में शहर के 900 परिवार बीपीएल सूची में शामिल हैं। चंबा शहर के लगभग 11 वार्ड हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

उधर, नगर परिषद की अध्यक्ष नीलम नैय्यर ने कहा कि बीपीएल परिवारों के चयन के लिए सर्वे को लेकर निदेशालय से आदेश आएंगे, तभी नगर परिषद की टीम सर्वे कर पाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें