चंबा। नगर परिषद चंबा कूड़ा शुल्क अदा न करने वाले किरायेदारों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। इस वर्ष सफाई व्यवस्था को लेकर होने वाली टेंडर प्रक्रिया से पहले नगर परिषद की ओर से सर्वे करवाया जाएगा।
सर्वे के जरिये शहर के 11 वार्डों में टीम पहुंचेंगी और हर मकान मालिक से किरायेदार से संबंधित जानकारी लेगी। उनका मोबाइल नंबर भी लिया जाएगा। लिहाजा, नगर परिषद एक सूची तैयार करेगी, जिसमें किरायेदारों का नाम और पता होगा। संबंधित ठेकेदार को इस बारे में अवगत करवाया जाएगा और ठेकेदार इस सूची के मुताबिक कूड़ा शुल्क लेंगे। अगर कोई परिवार किराये का मकान बदलकर शहर के किसी भी वार्ड में अन्य जगह लेता है तो इसकी भी सूचना नगर परिषद को मकान मालिक उपलब्ध करवाएगा। अगर किसी सूरत में मकान मालिक ऐसा नहीं करता है तो जुर्माने का भी प्रावधान किया जा सकता है। नगर परिषद चंबा की इस तरह की पहल का मकसद शहर के कूड़ा शुल्क अदा न करने वाले किरायेदारों पर शिकंजा कसना है।
जानकारी के अनुसार शहर में करीब 4400 मकान मालिक हैं। इनसे हर माह कूड़ा शुल्क लिया जाता है। इनमें से अधिकतर लोगों ने अपने घर किराये पर दिए हैं। किरायेदार नाममात्र का कूड़ा शुल्क दे रहे हैं। मात्र तीस प्रतिशत किरायेदार ही कूड़ा शुल्क दे रहे हैं। बहरहाल, अब नगर परिषद किरायेदारों से शुल्क वसूलने के लिए नई योजना बना रही है। नगर परिषद चंबा की अध्यक्ष नीलम नैय्यर ने बताया कि नई टेंडर प्रक्रिया शुरू करने से पहले एक सर्वे करवाया जाएगा और शहर में किराए में रह रहे लोगों की सूची तैयार की जाएगी।