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नगर परिषद चंबा के दायरे में घर बनाने से पहले पड़ोसियों से लेना होगा सहमति पत्र
अतिक्रमण के मामलों पर लगेगी रोक, शहर के सभी वार्ड पार्षद करवाएंगे आदेशों की पालना
नई व्यवस्था के बाद शहर में अब आपत्ति लगने से अधूरे नहीं रहेंगे गृह निर्माण के कार्य
पंकज सलारिया
चंबा। शहरी क्षेत्र में घर बनाने से पहले अब पड़ोसियों से भी सहमति पत्र लेना होगा। नगर परिषद चंबा के तहत विभिन्न वार्डों में गृह निर्माण करने वाले लोगों के लिए यह शर्त रखी गई है। नगर परिषद ने इस बारे में शहरवासियों को निर्देश भी जारी कर दिए हैं।
वार्ड पार्षदों को भी आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सहमति के तौर पर एक पत्र में पड़ोसियों के हस्ताक्षर लेने होंगे, जिससे गृह निर्माण करने वाले व्यक्ति को कार्य के दौरान किसी प्रकार की रुकावट न आए। नगर परिषद का कहना है कि इस तरह के निर्देश जारी करने का मकसद नया घर बनाने वाले लोगों को राहत देना है। साथ ही इससे अतिक्रमण के मामलों पर भी रोक लगेगी।
शहर में अकसर गृह निर्माण के कार्य होते हैं। छह माह में दो से तीन ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां पड़ोसियों ने गृह निर्माण रुकवाने के प्रयास किए हैं। इससे जहां गृह मालिकों को परेशानी होती है, वहीं स्टे लगने से निर्माण कार्य लटक जाता है। कुछ मामले तो काम अरसे से बंद पड़े हैं। घर की दीवारें तो तैयार कर दी गई हैं, मगर पड़ोसियों की ओर से स्टे लगाने से निर्माण कार्य लटक गया है। ऐसे में अब नगर परिषद ने गृह निर्माण से पहले पड़ोसियों से सहमति पत्र लेना अनिवार्य कर दिया है।
नगर परिषद चंबा के 11 वार्ड
नगर परिषद चंबा के तहत हरदासपुरा, जुलाहकड़ी, सपड़ी, कसाकड़ा, धड़ोग, हटनाला, सुराड़ा, चौगान, जनसाली, चौंतड़ा, सुल्तानपुर आदि वार्ड हैं। यहां समय-समय पर गृह निर्माण कार्य शुरू होते हैं। शहर में नगर परिषद के रिकॉर्ड के अनुसार करीब 4400 मकान हैं।
नगर परिषद की अध्यक्ष नीलम नैय्यर ने कहा कि इस शहर में लोगों के गृह निर्माण के कार्य आधे अधूरे नहीं रहेंगे। अतिक्रमण के मामलों पर भी रोक लगेगी। पड़ोसियों की सहमति से गृह निर्माण करने में घर बनाने वाले व्यक्ति को परेशानी नहीं होगी।