अब पैदा होते ही नवजात की कलाई पर लगा रहे माता-पिता के नाम का स्टीकर
दिल्ली से प्लास्टिक के टैग आने तक मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने की वैकल्पिक व्यवस्था
नवजात की अदला-बदली का आरोप लगने के बाद शुरू कर दी गई है चिप्पी की व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मेडिकल कॉलेज चंबा में जन्म लेने वाले नवजात शिशुओं की कलाई में प्लास्टिक के टैग नजर आएंगे। बहरहाल, दिल्ली से एक सप्ताह के भीतर मेडिकल कॉलेज में प्लास्टिक के टैग पहुंच जाएंगे। वर्तमान में नवजात शिशुओं की कलाई पर माता-पिता के नाम की लिखी स्टीकर (चिप्पी) लगा कर व्यवस्था शुरू की गई है। स्वास्थ्य विभाग की इस पहल को लोग खूब सराह रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में नवजात की अदला-बदली के आरोप लगने के बाद नवजात की कलाई पर स्टीकर लगाने की व्यवस्था शुरू कर दी गई है।
संस्थागत प्रसव करवाने को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई प्रकार के कार्यक्रम क्रियान्वित किए गए हैं। ऐसे में लोग भी जागरूक होने लगे हैं। अब गर्भवती महिलाएं और उनके परिजन घरों में दाई या अन्य स्वास्थ्य कर्मियों से प्रसव करवाने के बजाय स्वास्थ्य संस्थानों को तवज्जो दे रहे हैं। बीते एक वर्ष के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में 80 से 100 महिलाओं के सुरक्षित प्रसव होते आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज चंबा के साथ सिविल अस्पताल तीसा, भरमौर, पांगी, चुवाड़ी, डलहौजी, बाथरी में संस्थागत प्रसव करवाने वाली महिलाओं की साल दर साल बढ़ोतरी हो रही है। इसके अलावा कई महिलाओं के निजी अस्पतालों में भी सुरक्षित प्रसव हो रहे हैं। ऐसे में अब मेडिकल कालेज चंबा में जन्म लेने वाले नवजातों को टैग लगाए जाएंगे। वर्तमान में माता-पिता का नाम लिखकर नवजात शिशुओं की कलाई में टैग लगाए जा रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज चंबा के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बिपन ठाकुर ने बताया कि मेडिकल कॉलेज चंबा में प्रसव के बाद नवजात बच्चों की टैगिंग के तहत माता-पिता के नाम लिख कर चिप्पी लगाई जा रही है। बताया कि प्लास्टिक के टैग के लिए ऑर्डर दे दिया गया है। एक सप्ताह में दिल्ली से ये टैग पहुंच जाएंगे।