चंबा। विकास कार्याें में अनियमितता बरतना और अपने पद का दुरुपयोग करना सेईकोठी पंचायत प्रधान को भारी पड़ गया है। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
साथ ही दस दिन के भीतर अपना पक्ष रखने के आदेश दिए हैं। उपायुक्त ने निर्देश दिए हैं कि अगर प्रधान ने जवाब नहीं दिया तो एकतरफा कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत सेईकोठी की प्रधान को विकास कार्यों में अनियमितताओं और पद के दुरुपयोग करने के चलते 24 अगस्त 2023 को निलंबित किया गया था। मामले की वास्तविकता जानने के लिए हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम 1994 के तहत उपमंडल अधिकारी (ना.) चुराह् को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था। जांच अधिकारी की ओर से प्रस्तुत विस्तृत रिपोर्ट में दर्शाए गए तथ्यों का अध्ययन करने के बाद प्रधान के खिलाफ निर्माण कार्य लिंक रोड सेईकोठी से खबली नाला, पंचायत बैठक की करवाई रजिस्टर के साथ छेड़छाड़, निर्माण कार्य लिंक रोड सेईकोठी से खबली नाला के निष्पादन में विहित औपचारिकताएं पूरा नहीं करने के आरोप आरोप सिद्ध पाए गए हैं। उपायुक्त ने जारी नोटिस में यह भी स्पष्ट किया है कि प्रधान की ओर से बरती गई विभिन्न वित्तीय अनियमिताओं और कर्तव्य निर्वहन में कोताही के तहत हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 146 के तहत कार्रवाई की गई है। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।