भरमौर-पठानकोट हाईवे पर केरु पहाड़ के पास गिरे मलबे को हटाने में जुटी विभागीय मशीनरी। संवाद
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चंबा। जिले में भारी बारिश ने रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। भरमौर-पठानकोट हाईवे बुधवार को दोपहर बाद 3:00 बजे भारी भूस्खलन के कारण केरु पहाड़ के पास यातायात के लिए बंद हो गया। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची एनएच मंडल की मशीनरी और लेबर ने सायं 4:00 बजे एनएच वाहनों के लिए बहाल किया।
हाईवे पर थमी रफ्तार के कारण बनीखेत और चंबा की ओर छोटे-बड़े वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इसके अलावा तीसा में दो और सलूणी में एक सड़क भूस्खलन के साथ मलबा और चट्टानें गिरने से यातायात के लिए बाधित हो गए। भारी बारिश से दो पेयजल योजनाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। विद्युत उपमंडल चंबा के तहत आते परिक्षेत्र में एक ट्रांसफार्मर के बंद होने से दर्जन भर गांवों में अंधेरा पसर गया। देरशाम तक दोनों सड़कें और ट्रांसफार्मर सुचारु नहीं हो पाए थे।
मूसलाधार बारिश के कारण बुधवार को भटियात उपमंडल के तहत अनाही निवासी रमेश कुमार पुत्र चूहड़ू सिंह का कच्चा मकान धराशायी हो गया। गनीमत रही कि मकान के भीतर कोई नहीं था अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं सब तहसील ककीरा के तहत आते बनोई निवासी मनोहर पुत्र अमरो का कच्चा मकान भी बारिश से क्षतिग्रस्त हो गया। बनोई निवासी करनैल पुत्र ज्ञानो और उपमंडल सलूणी के कथवाड़ निवासी नरेश कुमार पुत्र हंसराज की गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हो गईं। इससे प्रभावितों को काफी नुकसान हुआ है। उपायुक्त दुनी चंद राणा ने बताया कि भारी बारिश से होने वाले नुकसान का आकलन तैयार किया जा रहा है। कहा कि मौसम के बदलते मिजाज के कारण लोग रावी नदी, खड्डों की ओर रुख न करें।