जिला पुस्तकालय ... न बैठने जगह और न ही लाइब्रेरियन
भवन की हालत भी हो चुकी है खस्ता, बाहर जमीन पर बैठकर पढ़ते हैं बच्चे
पांच विधानसभा क्षेत्र के बच्चे टेस्ट की तैयारी के लिए आते जिला पुस्तकाल
तीन हजार बच्चों में से पुस्तकालय में तीन सौ बच्चों के बैठने की है व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिला पुस्तकालय में पाठकों को बैठने के लिए जगह कम पड़ रही है। इसमें वर्ष 2010 से लाइब्रेरियन का पद भी रिक्त है। जिला पुस्तकालय के भवन की हालत भी खस्ता हो चुकी है। विद्यार्थी बाहर जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने पर मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मुद्दे को उपायुक्त से भी उठाया गया था, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
जिला पुस्तकालय में पाठकों की संख्या पहले करीब 1,200 थी। अब यह आंकड़ा तीन हजार के पार हो गया है। पुस्तकालय प्रबंधन बच्चों को पढ़ाई के लिए अलग-अलग समय पर बुलाकर व्यवस्था चला रहा है। इसमें करीब तीन सौ विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था है। शेष बच्चों को बैठने के लिए जगह न मिलने पर बाहर धूप में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। हैरत की बात तो यहां यह है कि जिले के इकलौते जिला पुस्तकालय के भवन की मरम्मत नहीं की गई है। वर्तमान में जिला पुस्तकालय में लगभग 5500 किताबें हैं। ऐसे में बच्चों की संख्या बढ़ने से जगह कम पड़ रही है।
पाठकों में राहुल कुमार, सुमित सिंह, सीमा कुमारी, देवी राम, पूजा कुमारी, राकेश कुमार, रक्षा कुमारी, अमित कुमार, भारती कुमार और संतोष कुमारी का कहना है कि वे रोजाना जिला पुस्तकालय में पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं। पुस्तकालय में पाठकों की संख्या बढ़ी है। इससे पुस्तकालय में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। उन्होंने बताया कि कई बच्चे बाहर बैठकर पढ़ाई करते हैं। पांचों विधानसभा क्षेत्र के बच्चे किसी भी टेस्ट की तैयारी करने के लिए जिला पुस्तकालय पहुंचते हैं, लेकिन यहां अव्यवस्था का आलम है। उन्होंने प्रशासन और उच्च शिक्षा निदेशालय से मांग की है कि पुस्तकालय में सभी बच्चों के लिए बैठने की व्यवस्था ही जाए। साथ ही भवन की भी सुध समय रहते ली जाए। साथ ही वर्षों से खाली लाइब्रेरियन के पद को भी भरा जाए। उधर, असिस्टेंट लाइब्रेरियन चैन लाल ने कहा कि बच्चों की संख्या बढ़ी है। भवन की मरम्मत सहित लाइब्रेरियन के पद भरने के बारे में उच्चाधिकारी और जिला प्रशासन को अवगत करवाया है।