चंबा। नगर परिषद चंबा के कूड़ा संयंत्र कुरांह में बन रहे सूखे कचरे से पैकेट रखने के लिए जगह नहीं बची है। अगर इन पैकेटों के ढेरों को जल्द नहीं हटाया गया तो काम बंद भी हो सकता है।
कुरांह में तैनात कर्मचारियोंं का कहना है कि पैकेट रखने के लिए जरा भी जगह नहीं बची है। दिन में बीस से तीस तक पैकेट बनते हैं। पिछले लंबे समय से इन पैकेटों को नहीं हटाया गया है। आने वाले दिनों में इन्हें यहां से नहीं हटाया गया तो सूखे कचरे के पैकेट बनाने का काम बंद करना पड़ेगा। इससे गंदगी का आलम हो जाएगा।
चंबा शहर से हर दिन टनों के हिसाब से सूखा कचरा निकलता है। इसे कूड़ा संयंत्र कुरांह तक पहुंचाया जाता है। यहां मशीन के जरिये सूखे कचरे से पैकेट बनाए जाते हैं। इन्हें बिलासपुर के बरमाणा में सीमेंट कंपनी को दिया जाता है। लंबे समय से न तो कंपनी से इन पैकेटों को लिया है और न ही नगर परिषद इन्हें हटाने के प्रयास कर रही है। हैरानी की बात है कि अब वहां चलने के लिए भी जगह नहीं बची है। कर्मचारी पैकेट तो बना रहे हैं, लेकिन उन्हें रखने के लिए जगह नहीं बची है। इस बाबत नगर परिषद को कई बार अवगत करवाया गया है, लेकिन समस्या का समाधान करने के लिए उचित प्रयास नहीं किए गए हैं।
उधर, नगर परिषद की अध्यक्ष नीलम नैय्यर ने कहा कि यह मामला ध्यान में हैं। इन पैकेटों को जल्द वहां से हटाकर कंपनी को भेजा जाएगा।