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नाम सलूणी आदर्श विद्यालय, न पुस्तकालय, न कंप्यूटर लैब

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सलूणी (चंबा)। राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सलूणी में शिक्षकों के पद खाली होने से विद्यार्थियों को आदर्श पाठशाला का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में यह विद्यालय नाम का ही आदर्श है। अभिभावकों का तर्क है कि आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सलूणी में स्मार्ट कक्षाएं, पुस्तकालय और कंप्यूटर प्रयोगशाला का होना अति आवश्यक है लेकिन स्कूल में न तो स्मार्ट कक्षाएं हैं और न ही कंप्यूटर की प्रयोगशाला। विद्यालय में अध्यापकों के पद खाली होने से 380 विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों ने साफ किया है कि अगर शीघ्र शिक्षकों की तैनाती नहीं की तो वे आंदोलन की राह पर चलने के लिए मजबूर हो जाएंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
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अभिभावकों डुमणू राम, भगत राम, मान सिंह, धर्म सिंह, संजय कुमार, मदन कुमार, जानकी देवी, नीलम कुमारी, बिंदू आदि का कहना है कि सरकार और शिक्षा विभाग ने आदर्श विद्यालय के नाम पर हमारे बच्चों के साथ धोखा किया है। विद्यालय में चार साल से कंप्यूटर शिक्षकों के दो पद, हिंदी प्रवक्ता, दो साल से गणित और चार माह से रसायन विज्ञान के प्रवक्ताओं के पद खाली हैं। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। आदर्श विद्यालय में स्मार्ट कक्षाएं और कंप्यूटर प्रयोगशाला शुरू नहीं हो पाई हैं। इसके चलते उन्हें अपने बच्चों को स्कूलों में भेजने के साथ ही उनकी ट्यूशन लगवानी पड़ रही है।
सलूणी विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल कौशिक का कहना है कि हमारे पास आदर्श विद्यालय का सारा सामान उपलब्ध है लेकिन शिक्षकों की कमी के कारण स्मार्ट कक्षाएं और कंप्यूटर प्रयोगशाला शुरू नहीं हो पाई है। रिक्त पदों के बारे में शिक्षा विभाग को अवगत करवा दिया गया है।
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उच्च शिक्षा उपनिदेशक प्यार सिंह चाढ़क ने कहा कि रिक्त पदों को भरने के बारे में शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है।
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