चंबा। चंबा मेडिकल कॉलेज में तीन दिन में 100 से अधिक लोगों ने एंटी रैबीज के टीके लगवाए हैं। इससे साफ पता चलता है कि चंबा शहर और आसपास के इलाकों में लावारिस कुत्तों का कितना आतंक है। रोजाना 10 से 15 लोग एंटी रैबीज का टीका लगवाने के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे हैं। यह आंकड़ा दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है। शहर या आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में लावारिस कुत्ते राहगीरों को अपना शिकार बना रहे हैं लेकिन नगर परिषद और पंचायतें लोगों को इन कुत्तों से निजात दिलाने में कोई भी उचित कदम नहीं उठा पा रहे हैं। कुछ दिन पहले खज्जियार पंचायत में एक महिला की मौत हो गई। महिला को कुत्ते ने काटा था। इसके बाद महिला के परिजन और गांव के लोग भारी संख्या में एंटी रैबीज का टीका लगवाने के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचे। इसी तरह जिले के अन्य उपमंडलों में भी लावारिस कुत्तों का आतंक बढ़ा है। समय रहते इस लावारिस कुत्तों की संख्या पर अंकुश नहीं लगाया गया तो आने वाले समय में लोगों का सड़कों पर पैदल निकलना मुश्किल हो जाएगा। चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर अशोक कौशल ने बताया कि एंटी रैबीज का टीका लगवाने के लिए रोजाना मेडिकल कॉलेज में लोग पहुंच रहे हैं। लोगों की संख्या को ध्यान में रखते हुए प्रबंधन ने एंटी रैबीज के टीके का एडवांस कोटा मंगवा लिया है।