चंबा। दिन : बुधवार। समय : 11:00 बजे। स्थान : शहर में स्थित भूरि सिंह संग्रहालय। 6.08 तीव्रता से भूकंप के जोरदार झटके से अचानक भवन धराशायी हो गया। मौके पर मौजूद कई लोग चोटिल हो गए।
सूचना मिलने पर अग्निशमन कार्यालय से विभाग की गाड़ी, आपदा प्रबंधन के जवान, पुलिस जवानों की टीम और मेडिकल कॉलेज चंबा से एंबुलेंस सायरन बजाते हुए घटनास्थल पर पहुंची।प्रशासनिक अमला भी एसडीएम अरुण शर्मा की अगुवाई में पहुंचा। देखते ही देखते स्वास्थ्य विभाग की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं और मलबे में दबे लोगों को निकालकर स्ट्रेचर में अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सक ने घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर किया। दो घंटे तक मलबे के ढेर से घायलों को निकालने का क्रम जारी रहा। वीरवार को भूरि सिंह संग्रहालय में आपदा से निपटने के लिए मॉकडि्रल करवाई गई। एसडीएम ने बताया कि मॉक ड्रिल हर साल करवाई जाती है। इसमें आपदा के समय लोगों को किस प्रकार से रेस्क्यू कर उनकी जान बचाने के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अग्निशमन जवानों, स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक और अन्य स्टाफ ने मॉक डि्रल के दौरान अपनी-अपनी भूमिका के बारे में जानकारी दी।
गौरतलब है कि 4 अप्रैल, 1905 को कांगड़ा में भूकंप आया था। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.8 मापी गई थी। इससे 20,000 से अधिक लोग मारे गए थे। कांगड़ा, मैकलोडगंज और धर्मशाला में अधिकांश इमारतें नष्ट हो गईं थीं l भविष्य में ऐसी हानि न हो और भूकंप आने ओर उसके लिए हम सभी तैयार हों, इसलिए प्रति वर्ष आज के ही दिन सभी स्कूलों, काॅलेजों, सरकारी संस्थानों और फैक्ट्रियों में माॅक ड्रिल करवाई जाती है। राजकीय प्राथमिक विद्यालय थल्ली सियुका में प्रारंभिक शिक्षा खंड गरोला ने भूकंप दिवस मनाया। स्कूल प्रभारी नेक राज ने बताया कि हर वर्ष 04 अप्रैल को विद्यालय में भूकंप दिवस मनाया जाता है। बच्चों ने भी भूकंप के प्रति अपने विचार साझा किए।