‘मेरा भोला है भंडारी’ से बाबा रघुवंशी ने झुमाए दर्शक
हंसराज रघुवंशी के नाम रही मिंजर मेला की तीसरी सांस्कृतिक संध्या, देखने के लिए उमड़ी भीड़
चंबा के सावन ने हिंदी, पंजाबी और पहाड़ी गीतों से खूब बांधा समां
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। मिंजर मेला की तीसरी सांस्कृतिक संध्या हिमाचली कलाकार हंसराज रघुवंशी के नाम रही। उन्होंने मेरा भोला है भंडारी करे नंदी की संवारी गीत से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद हंसराज रघुवंशी ने भोले बाबा के एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत कर खूब समां बांधा। उन्हें सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। इससे पहले अजीत भट्ट एंड पार्टी ने चंबा के पारंपरिक गीत कुंजड़ी मल्हार की पेशकश की। कुंजड़ी मल्हार के बाद स्थानीय कलाकारों ने प्रस्तुतियां दी। इसे दर्शकों ने खूब सराहा। राजेंद्र सिंह ने कदे आ मिल सांवलिया, माये नी मेरीए शिमले दी राहें, वीरेंद्र कुमार ने रुत संगरोड़ी हो, लाल चिड़िए, विवेक म्यूजिकल ग्रुप ने सामूहिक नृत्य पेश किया। चमन सिंह एंड पार्टी ने लोक नृत्य की प्रस्तुति दी। भटियात कला मंच के कलाकारों ने सामूहिक नृत्य पेश कर सबका मन मोह लिया। इसके अलावा हर्ष अबरोल, मनीष शर्मा, हेमंत शर्मा, सुरेश कुमार, बाबूराम भारद्वाज, ममता भारद्वाज, मोहम्मद खान, किशन वर्मा, पूनम सरनायक, श्वेता राणा, नॉर्थ जोन कल्चर पटियाला के कलाकारों ने विभिन्न संस्कृति को एक ही मंच में दर्शकों के समक्ष पेश किया। इसे देखने के बाद दर्शक खुद को तालियां मारने से नहीं रोक पाए। इसके बाद चंबा के लोकल कलाकार सावन जरयाल ने मंच पर खूब समा बांधा। उन्होंने हिंदी और पंजाबी गीतों के साथ पहाड़ी गानों को गाकर पंडाल के बाहर खड़े दर्शकों को नाचने पर मजबूर कर दिया। तीसरी सांस्कृतिक संध्या के कलाकारों को देखने और सुनने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।