सलूणी में आशा कार्यकर्ता संघ की बैठक के दौरान मौजूद: जागरूक पाठक
मांगों को लेकर करेंगे शिमला में सचिवालय का घेराव : ठाकुर
कहा- लगातार मिड-डे मील वर्कर कि अनदेखी कर रही सरकार
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मिड-डे मील वर्कर यूनियन ब्लॉक सुंडला की बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष विपिन ने की। इसमें महासचिव सुदेश ठाकुर मौजूद रहीं।
सीटू के महासचिव ने कहा कि मिड-डे मील वर्कर्स गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। केवल 5000 रुपये मानदेय मिलता है। वह भी समय पर नहीं मिल रहा है। मानदेय न मिलने के कारण घर का राशन, बच्चों की फीस, इलाज का खर्च, सामाजिक उत्तरदायित्व निभाना मुश्किल हो गया है। देश के बच्चों को कुपोषण से बचाते-बचाते खुद का परिवार कुपोषित हो रहा है। किसी तरह की कोई छुट्टी नहीं है। हाईकोर्ट के 12 माह के निर्णय को लागू नहीं किया जा रहा है। पूरे शिक्षा विभाग में 12 माह का वेतन मिलता है लेकिन मिड-डे मील वर्कर्स के साथ अन्याय किया जा रहा है। 25 बच्चों की शर्त के चलते वर्कर्स को नौकरी छोड़नी पड़ रही है। उन्हें कोई सामाजिक सुरक्षा नहीं है। मिड-डे मील वर्कर्स को सेवानिवृत्ति के बाद किसी तरह की आर्थिक सहायता नहीं है, न ही पेंशन है। इसके खिलाफ 22 जून को होने वाली प्रदेश व्यापी हड़ताल में मिड-डे मील वर्कर शामिल होंगे। सरकार लगातार मांगों को अनसुना कर रही है। इसलिए वर्कर्स ने हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। अध्यक्ष विपिन ने कहा की केंद्र सरकार की ओर से हाल में पेश किए गए बजट में बढ़ोतरी नहीं की है। वर्करों को सरकार की ओर से घोषित 5000 रुपये वेतन भी नहीं मिल रहा है। केंद्र सरकार से मिलने वाले 1000 रुपये समय पर नहीं मिल रहे हैं। मिड-डे मील कर्मियों के लिए दी गई सुविधा और आंगनबाड़ी को दी गई सुविधा की तर्ज पर मिड-डे मील कर्मियों को 12 से 20 छुट्टियों की सुविधा दी जाए। साल में दो वर्दियां दी जाएं, मल्टी टास्क भर्ती में मिड-डे मील कर्मियों को प्राथमिकता देने की मांग की है। सरकार लगातार मिड-डे मील वर्कर कि अनदेखी कर रही है। मिड-डे मील वर्कर मांगों को लेकर 22 जून को हड़ताल करेंगे और शिमला में सचिवालय का घेराव करेंगे।