चंबा। ग्यारह सालों से सेवाएं दे रहे एसएमसी अध्यापकों के लिए स्थायी नीति न बनने पर सोमवार को एसएमसी अध्यापकों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। कहा कि जून में एसएमसी अध्यापक संघ को आश्वस्त किया गया था कि एसएमसी अध्यापकों के लिए सितंबर तक स्थायी नीति बनाई जाएगी। इससे सभी अध्यापक उम्मीद लगाए बैठे थे कि सितंबर तक 11 वर्षों से निष्ठापूर्वक सेवाएं देने वाले एसएमसी अध्यापकों के लिए सरकार स्थायी नीति का निर्माण करेगी लेकिन, अभी तक ऐसा नहीं हो पाया है। कहा कि सरकार ने हाल ही की कैबिनेट में अंशकालिक जलवाहकों को भी 11 साल के बाद नियमित कर दिया है। एसएमसी संघ सरकार की ओर से लिए गए इस कदम की सराहना करता है लेकिन, 2500 एसएमसी अध्यापक जो कि पिछले 11 सालों से हिमाचल प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में पूरी निष्ठा के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं, उनके लिए कोई भी स्थायी नीति नहीं बनाई गई। इससे वे लगातार शोषण का शिकार हो रहे हैं। कहा कि चुनाव से पूर्व एसएमसी शिक्षकों को नियमित करके शोषण मुक्त करने का संकल्प लिया था लेकिन आठ महीने बीत जाने के बावजूद भी कार्य को गति नहीं मिली है। एसएमसी अध्यापकों हरीश कुमार, सरदार सिंह, धर्मेश ठाकुर, अनूप समेत अन्यों ने उपायुक्त चंबा से आग्रह किया है कि उन्हें 11 सालों के शोषण मुक्ति दिलाई जाए।