चंबा। चुराह विधानसभा क्षेत्र में ड्रग लाइसेंस के बिना चल रही निजी संस्था की दवा की दुकान को स्वास्थ्य विभाग ने सील कर दिया है। दवा निरीक्षक को जैसे ही निजी संस्था की दवा दुकान के बारे में जानकारी मिली तो वह उसकी जांच करने के लिए तीसा पहुंचे। वहां जाकर उन्होंने संस्था की दवा दुकान में जांच की तो उनके पास दवाई रखने को लेकर किसी प्रकार का लाइसेंस नहीं मिला।
बिना लाइसेंस संस्था पिछले कई महीनों से दवाइयां लोगों को सप्लाई कर रही थी। जांच के दौरान दुकान में 116 प्रकार की विभिन्न दवाइयां मिलीं। इन्हें फिलहाल विभाग ने दुकान में सील कर दिया है। ये सभी दवाइयां अब विभाग के कब्जे में हैं।
इसको लेकर दवा निरीक्षक ने कार्रवाई करते समय उपायुक्त को भी सूचना दे दी थी। उन्होंने दवा निरीक्षक को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद दवा निरीक्षक ने सबसे पहले दवाइयों को इतनी अधिक मात्रा में रखने के लिए संस्था से ड्रग लाइसेंस दिखाने को कहा, लेकिन उनके पास कोई लाइसेंस नहीं मिला। किसी प्रकार की दवाई रखने और बेचने के लिए ड्रग लाइसेंस होना अनिवार्य है।
निजी संस्था के पास ऐसा कोई लाइसेंस नहीं मिला। इसके चलते उनकी दुकान को दवा निरीक्षक ने सील कर दिया। शनिवार शाम को दवा निरीक्षक ने चंबा से तीसा में जाकर यह कार्रवाई की। उनकी इस कार्रवाई के बाद चुराह के साथ-साथ पूरे जिले में झोलाछाप डॉक्टरों और दवाई विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है।
दवा निरीक्षक दो महीनों में तीन दुकानें जिले में सील कर चुके हैं। इनमें एक भरमौर और दो चुराह में शामिल हैं। इससे पहले चुराह में एक बिना लाइसेंस चल रहे क्लीनिक को भी सील किया गया था। अब संस्था की दवा दुकान को सील किया गया है। संवाद
असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर मनीष कपूर ने बताया कि बिना लाइसेंस चल रही दवा की दुकान को सील किया गया है। दवाई की दुकान चलाने के लिए ड्रग लाइसेंस का होना काफी जरूरी है।