सरोल में कामिका एकादशी के अवसर सामूहिक संकीर्तन के दौरान महिलाएं। जागरूक पाठक
सरोल (चंबा)। शक्ति माता मंदिर सरोल में रविवार को पावन कामिका एकादशी के अवसर पर श्रद्धा एवं भक्तिभाव से सामूहिक संकीर्तन का आयोजन किया गया।
मातृशक्ति ने भगवान के सुंदर-सुंदर भजनों का गायन किया। भजनों की मधुर स्वर-लहरियों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा।सनातन परंपरा में एकादशी तिथि का विशेष आध्यात्मिक एवं धार्मिक महत्व माना गया है। एकादशी के दिन भगवान विष्णु की आराधना, नाम-स्मरण, भजन-कीर्तन एवं आत्मचिंतन करने की परंपरा है। कामिका एकादशी विशेष रूप से भगवान विष्णु की भक्ति और उपासना को समर्पित मानी जाती है। यह पर्व मनुष्य को संयम, सात्त्विकता और ईश्वर के प्रति समर्पण का संदेश देता है। संकीर्तन के दौरान मातृशक्ति ने सामूहिक रूप से अनेक भक्तिमय भजन प्रस्तुत किए। मंदिर परिसर में गूंजते भजनों और जयकारों से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक प्रार्थना एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ कविता बिजलवान ने कहा कि ऐसे सामूहिक धार्मिक आयोजन हमारी सनातन परंपराओं, संस्कारों और सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।