मान्यता... पानी की गड़वी बताएगी खुशहाली आएगी या पड़ेगा सूखा
बैसाख की संक्रांति पर 134 दिन बाद खुलेंगे कार्तिक स्वामी मंदिर के कपाट, बंद होते समय रखी थी गड़वी
आज भी सदियों पुरानी परंपरा निभा रहे भरमौर के बाशिंदे, दर्शनों के लिए मंदिर में उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
भरमौर (चंबा)। कार्तिक स्वामी मंदिर के कपाट खुलने पर अंदर रखी पानी की गड़वी (लोटा) बताएगी कि भरमौर में खुशहाली आएगी या सूखा पड़ेगा। इस गड़वी को मंदिर के कपाट बंद करते समय पानी से भरकर अंदर रखा जाता है। 134 दिनों के बाद बैसाख की संक्रांति वाले दिन मंदिर के कपाट खोले जाते हैं तो अंदर रखी गड़वी के पानी के अनुसार क्षेत्र में खुशहाली और सूखे की घोषणा की जाती है। मान्यता है कि यदि गड़वी पानी से भरी हुई मिली तो क्षेत्र में खुशहाली बनी रहेगी। यदि गड़वी में पानी कम मिला तो सूखे के हालात भी क्षेत्र के लोगों को देखने के लिए मिल सकते हैं। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। इसका निर्वहन क्षेत्र के लोग आज भी कर रहे हैं। कार्तिक स्वामी मंदिर के पुजारी मचलू राम शर्मा ने बताया कि 13 अप्रैल यानी बैशाख की संक्रांति वाले दिन सुबह ठीक 10 बजे पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ कपाट खोले जाएंगे। श्रद्धालु इस दिन कार्तिक स्वामी के दर्शन करने के लिए मंदिर में पधार सकते हैं।
इस पावन पर्व पर मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं से उन्होंने निवेदन किया है कि वे मंदिर में सिर्फ धार्मिक भावना लेकर ही आएं, जिससे मंदिर में आस्था को लेकर लोगों की भावना बनी रहे। उन्होंने प्रशासन से भी आग्रह किया है मंदिर के कपाट खुलने के दौरान कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस बल की व्यवस्था मंदिर परिसर में करवाई जाए। कार्तिक स्वामी मंदिर के कपाट बैसाखी को लगभग 134 दिनों के बाद खुलेंगे। अपने अराध्य के दर्शन करने के लिए काफी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में पहुंचेंगे।