चंबा। जिला मुख्यालय के साथ लगते मंगला से चुवाड़ी सुरंग का निर्माण कार्य छह वर्षों से फाइलों में ही दफन है। वर्ष 2016 में तत्कालीन केंद्रीय भूतल मंत्री नितिन गडकरी ने सुरंग निर्माण के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। हैरानी की बात है कि आज तक सुरंग निर्माण को लेकर कोई भी प्रयास नहीं किए गए। ऐसे में चंबा विस क्षेत्र समेत भरमौर और चुराह विधानसभा क्षेत्र के लोगों को बाहरी जिलों का रुख करने के लिए अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है। जिले के विभिन्न संगठनों सहित प्रबुद्धजनों ने मंगला-चुवाड़ी सुरंग निर्माण को धरातल पर उतारने की मांग जोर-शोर से उठाना आरंभ कर दी है।
जिला मुख्यालय से होकर बाहरी जिलों का रुख करने के लिए लोगों को 120 से लेकर 180 किलोमीटर का लंबा सफर तय करना पड़ता है। ऐसे में मंगला से चुवाड़ी के लिए प्रस्तावित सुरंग का निर्माण हो जाने से जिले की पौने छह लाख की आबादी को लाभ मिलेगा। सुरंग निर्माण होने से लोग कुछ ही मिनटों में भटियात की सीमा में प्रवेश कर जाएंगे। यहां से आगे लोगों के लिए पठानकोट, कांगड़ा, टांडा, शिमला और चंडीगढ़ का सफर सुगम हो जाएगा। चंबा जनहित संगठन के संयोजक किशोर शर्मा, अध्यक्ष शादी लाल शर्मा समेत प्रबुद्धजनों डॉक्टर डीके सोनी, लेखराज, संदीप कुमार आदि ने बताया कि भौगोलिक स्थिति को देखते हुए इस सुरंग का निर्माण किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने हैरानी जताई कि पूर्व सरकार ने भी इस दिशा में कारगर प्रयास नहीं किए। हालांकि केंद्रीय भूतल मंत्री की ओर से दी गई सैद्धांतिक मंजूरी की प्रतिलिपि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, सांसद किशन कपूर, अनुराग ठाकुर, पूर्व पशुपालन मंत्री हर्ष महाजन को भी दिखाई गई लेकिन इस पर किसी प्रकार के प्रयास न हो पाना जिलावासियों के लिए बड़े आघात से कम नहीं है। उन्होंने आशा जताई है कि सदर विधायक नीरज नैयर और विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने विधानसभा में यह मांग दोबारा उठाई है जिससे आगामी समय में सुरंग निर्माण को लेकर लोगों में फिर से आस जगी है।