चंबा। जिले के ऊपरी इलाकों में बारिश होने से मक्की की फसल बर्बाद होने से बच गई है। इससे किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई है। लंबे समय से बारिश न होने के कारण कई क्षेत्रों में मक्की की फसल प्रभावित हुई है।
अब बारिश होने से खेतों में फसल को संजीवनी मिली है। खेतों में नमी आने से अब किसान मक्की की फसल की गुड़ाई कर सकते हैं। साथ ही खाद भी डाल सकते हैं, क्योंकि बारिश न होने के कारण फसल की गुड़ाई और खाद डालना काफी मुश्किल हो रहा था।
किसानों में कैलाश कुमार, विनोद कुमार, भीम सिंह, किशन चंद, हेम राज और तिलक चंद ने कहा कि बीते दो सप्ताह से बारिश नहीं हो रही थी। इस कारण मक्की की फसल मुरझाने लगी थी। कहा कि मौसम की मार से उनकी मुसीबतें बढ़ गई थीं। ऐसे में आखिरकार आसमान से राहत की बूंदें बरसने से किसानों ने राहत की सांस ली है।
बता दें कि जिला चंबा के 2200 हेक्टेयर में मक्की की बिजाई किसान करते हैं। इससे किसान अच्छी आजीविका कमाते हैं। विभाग ने भी किसानों को यह एडवाइजरी जारी की है कि खेतों में नमी होने से किसान अब खाद डाल सकते हैं। अगर किसान सूखे में खाद डालते हैं तो फसल को नुकसान पहुंच सकता है। उधर, कृषि विभाग के उपनिदेशक डाॅ. कुलदीप धीमान ने कहा कि ऊपरी इलाकों में बारिश मक्की की फसल के लिए संजीवनी साबित हुई है।