चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में नवजात बदलने का मामला महिला थाना में पहुंच गया है। मामले में बच्चे की डीएनए जांच करवाई जाएगी या नहीं, इसको लेकर पुलिस टीम दोनों परिवारों से बातचीत कर रही है।
यदि दोनों परिवारों में सहमति बन गई तो डीएनए जांच नहीं होगी। यदि परिवारों में सहमति नहीं बनी तो पुलिस न्यायालय से अनुमति लेकर नवजात के डीएनए की जांच करवा सकती है। मेडिकल कॉलेज में एक ही दिन में जन्मे दो बच्चों को लेकर एक परिवार ने बच्चा बदलने का आरोप लगाया है। मेडिकल कॉलेज की जांच में बच्चा नहीं बदले जाने की बात सामने आई है। जब इस जांच से एक परिवार संतुष्ट नहीं हुआ तो मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने इस मामले को पुलिस में भेज दिया। अब यह मामला पुलिस के महिला थाने में जा चुका है। महिला थाना की टीम इस मामले में निष्पक्ष जांच कर रही है।
कुछ दिन पहले मेडिकल कॉलेज में एक ही दिन में जब दो बच्चों ने जन्म लिया तो इसमें एक परिवार ने दावा किया कि उनका बच्चा बदलकर दूसरे परिवार को दे दिया गया है। दूसरा परिवार यह कह रहा था कि उनका बच्चा उनके पास है। इस मामले में विवाद इतना बढ़ गया कि मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को एक जांच टीम गठित करनी पड़ गई। इस टीम ने तीन दिनों में पूरी जांच कर रिपोर्ट चिकित्सा अधीक्षक को सौंपी। इस रिपोर्ट में बच्चा नहीं बदले जाने की बात सामने आई। दूसरे परिवार ने इस रिपोर्ट को लेकर आपत्ति जाहिर कर दी। इसके चलते यह मामला पुलिस में देना पड़ा। अब महिला थाना की टीम दोनों परिवारों से पूछताछ कर मामले को सुलझाने का प्रयास कर रही है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने बताया कि मामले में निष्पक्ष जांच की जा रही है।