चंबा के डलहौजी में वाल्मीकि प्रकट उत्सव पर निकाली गई शोभायात्रा। संवाद
डलहौजी (चंबा)। महर्षि वाल्मीकि सभा डलहौजी छावनी मंदिर ने महर्षि वाल्मीकि के प्रकटोत्सव पर भव्य शोभायात्रा निकाली। मंदिर को फूलों और लाइटों से सजाया गया था। शोभायात्रा मंदिर के प्रांगण से शुरू हुई।
यह टैगोर चौक और कैंट बस स्टैंड से नगर से होते हुए बैलून बाजार से महर्षि वाल्मीकि मंदिर में समाप्त हुई l शोभायात्रा में भारी संख्या में नगरवासी शामिल हुए l कलाकारों ने लघु नाटिका भी प्रस्तुत की। इसमें महर्षि वाल्मीकि, लव, कुश, श्रीराम, सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान की झांकियां निकाली गईं। झांकी में दर्शाया गया कि लव और कुश ने अश्वमेघ यज्ञ के घोड़े के मस्तक पर लिखी चुनौती को स्वीकार कर घोड़े को बंदी बनाया है। घोड़े को छुड़वाने के लिए श्रीराम की सेना, लक्ष्मण भरत, शत्रुघ्न और मूर्छित कर दिए जाते हैं। हनुमान को बंदी बना लिया जाता है। श्रीराजा के आने पर महर्षि वाल्मीकि युद्ध को रोककर बताते हैं कि लव और कुश आपके पुत्र हैं। महर्षि वाल्मीक मंदिर के अध्यक्ष अरुण अटवाल ने बताया कि 17 अक्तूबर को पूजा-अर्चना के बाद ध्वजारोहण की रस्म अदा की जाएगी। दोपहर को भंडारा लगाया जाएगा।