सलूणी (चंबा)। उपमंडल के तहत आने वाले स्वास्थ्य उपकेंद्र दियोतनार में दो साल से ताला लटका हुआ है। इसके चलते चार पंचायतों की आबादी को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यहां पर तैनात फार्मासिस्ट का तबादला दूसरी जगह पर किया जा चुका है। उसके स्थान पर अब तक दूसरे फार्मासिस्ट की तैनाती नहीं की गई है। इसकी वजह से चार पंचायतों के लोगों को मामूली बीमारी के इलाज के लिए भी 15 से 35 किलोमीटर की दौड़ लगानी पड़ रही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जाने के लिए ग्रामीणों को 15 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है जबकि सिविल अस्पताल सलूणी जाने के लिए उन्हें 35 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है। ग्राम पंचायत हिमगिरी, खड़जौता, पंझेई और चीह में रहने वाली 3,000 की आबादी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दियोतनार स्वास्थ्य उपकेंद्र पर ही निर्भर करती है।
ग्रामीणों जगदीश चंद, रमेश कुमार, बादल, घिंद्रो राम, वीरेंद्र कुमार और साबो राम ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग अपनी मामूली बीमारी का इलाज करवाने के लिए स्वास्थ्य उपकेंद्र पर ही निर्भर रहते हैं लेकिन दो साल से उन्हें दियोतनार में स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। जब भी कोई बीमार व्यक्ति स्वास्थ्य सेवा के लिए वहां पहुंचता है तो उसे स्वास्थ्य उपकेंद्र के दरवाजे पर ताला लटका हुआ मिलता है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि उपकेंद्र पर लटके ताले को खुलवाकर वहां फार्मासिस्ट की तैनाती करवाई जाए।
सरकार को स्वास्थ्य उपकेंद्र में खाली फार्मासिस्ट के पद बारे में अवगत करवाया जा चुका है। सरकार जल्द यहां फार्मासिस्ट की तैनाती कर सकती है। - डॉ. पायल, कार्यकारी खंड चिकित्सा अधिकारी सलूणी।